CHHATTISGARH | फायर स्टेशन पर हाईकोर्ट सख्त

रायपुर। छत्तीसगढ़ में फायर स्टेशन की कमी अब कोर्ट तक पहुंच गई है। हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए सरकार से पूछा है कि आखिर जिन जगहों पर अब तक फायर स्टेशन नहीं हैं, वहां कब तक व्यवस्था होगी।
मामला तब गरमाया जब बिलासपुर में फायर स्टेशन के लिए 2020 में मंजूरी मिलने के बाद भी जमीन तक तय नहीं हो पाई। हाल ही में आग की घटनाओं के बाद यह मुद्दा फिर उठा और सीधे हाईकोर्ट ने संज्ञान ले लिया।
सरकार ने कोर्ट को बताया कि सिर्फ कुछ जिलों में ही फायर स्टेशन ठीक से चल रहे हैं, जबकि कई जगह अब भी अस्थायी व्यवस्था के सहारे काम चल रहा है। 147 फायर वाहन होने के बावजूद संसाधनों की कमी साफ दिख रही है।
सबसे बड़ी दिक्कत जमीन की बताई जा रही है। कई जगह जमीन मिल रही है, लेकिन इतनी दूर कि इमरजेंसी में समय पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट ने भी पोल खोल दी फायर सिस्टम अलग-अलग विभागों में बंटा है, तालमेल नहीं है और कई जगह स्टाफ व गाड़ियों की भारी कमी है।
अब हाईकोर्ट ने साफ कह दिया है कि सिर्फ बहाने नहीं, ठोस प्लान चाहिए। सरकार को नया एक्शन प्लान और टाइमलाइन के साथ जवाब देना होगा। अगली सुनवाई 4 मई को होगी।



