JAPAN BAN MANGOES | भारत के मशहूर आमों को जापान ने क्यों कर दिया रिजेक्ट?

रायपुर डेस्क। भारत के आम दुनियाभर में अपनी मिठास और स्वाद के लिए मशहूर हैं, लेकिन इस बार जापान में रहने वाले लोग भारतीय आमों का स्वाद नहीं चख पाएंगे। जापान ने भारतीय आमों के आयात पर रोक लगा दी है, जिससे एक्सपोर्टर्स और आम उत्पादकों की चिंता बढ़ गई है।
जापानी अधिकारियों का कहना है कि आमों की प्रोसेसिंग और पेस्ट कंट्रोल प्रक्रिया में कुछ कमियां पाई गई हैं। इसी वजह से भारतीय आमों की खेप को स्वीकार करने से इनकार कर दिया गया है। जापान ने साफ कहा है कि जब तक उसकी टीम पूरी तरह संतुष्ट नहीं होगी, तब तक भारतीय आमों का आयात बंद रहेगा।
दरअसल, जापान हर साल अपने अधिकारियों को भारत भेजता है, जो निर्यात होने वाले आमों की जांच करते हैं। इस दौरान वेपर हीट ट्रीटमेंट प्रक्रिया की निगरानी की जाती है, ताकि फलों में कीड़े, अंडे या लार्वा न रह जाएं। इस साल निरीक्षण में इसी प्रक्रिया में खामियां सामने आईं, जिसके बाद जापान ने सख्त कदम उठाया।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत के कुल आम निर्यात पर बहुत बड़ा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि सबसे ज्यादा आम खाड़ी देशों, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे बाजारों में भेजे जाते हैं। जापान को जाने वाले आम कुल निर्यात का एक प्रतिशत से भी कम हिस्सा हैं।
फिर भी इस फैसले को हल्के में नहीं लिया जा रहा। वजह यह है कि जापान दुनिया के सबसे सख्त क्वालिटी कंट्रोल वाले देशों में गिना जाता है। ऐसे में वहां से मिला यह झटका भारत के निर्यात सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर सकता है और दूसरे देशों को भी सतर्क कर सकता है।
इस बीच आम उत्पादकों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि इस साल मौसम की मार से कई राज्यों में आम की पैदावार पहले ही प्रभावित हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत और जापान के बीच बातचीत जारी है और उम्मीद है कि जल्द कोई समाधान निकल सकता है।
फिलहाल अल्फांसो, केसर, चौसा, लंगड़ा और बंगनापल्ली जैसे भारतीय आमों की जापानी बाजार में एंट्री पर ब्रेक लग गया है।



