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CHHATTISGARH | आरक्षण पर नारी बनाम नारी

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का आज का विशेष सत्र पूरी तरह महिला आरक्षण के नाम रहा, लेकिन मुद्दा नारी सशक्तिकरण से ज्यादा सियासी जंग में बदल गया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शासकीय संकल्प पेश करते हुए साफ कहा कि परिसीमन पूरा होते ही संसद और विधानसभा में 33% महिला आरक्षण लागू किया जाए। सरकार इसे ऐतिहासिक कदम बता रही है।

वहीं विपक्ष भी पीछे नहीं रहा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने अलग प्रस्ताव रखते हुए कहा कि अभी की सीटों पर ही तुरंत 33% आरक्षण लागू किया जाए।

सदन में माहौल तब और गरम हो गया जब कांग्रेस विधायक अनिल भेड़िया ने इस बिल को “चुनावी झुनझुना” बता दिया। उन्होंने कहा कि बिल पास होने के बाद भी लागू नहीं किया गया, इसलिए महिलाओं को गुमराह किया जा रहा है।

बीजेपी की तरफ से लता उसेंडी ने पलटवार करते हुए कहा कि महिला आरक्षण में सबसे बड़ी रुकावट खुद विपक्ष रहा है और कांग्रेस ने कभी महिलाओं के सम्मान की चिंता नहीं की।

दोनों पक्षों की महिला विधायकों के बीच भी तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिससे साफ हो गया कि महिला आरक्षण अब सिर्फ सामाजिक मुद्दा नहीं, बल्कि बड़ा सियासी हथियार बन चुका है।

 

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