CHHATTISGARH | हसदेव में फिर खुलेंगी 2 कोयला खदानें!

रायपुर। छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य क्षेत्र में कोयला खनन को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा होने की संभावना है। उत्तराखंड कैबिनेट ने एक प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसके तहत अडानी पावर 1320 मेगावाट का कोयला आधारित बिजली संयंत्र स्थापित करेगी।
इस परियोजना के लिए कोयला छत्तीसगढ़ के सरगुजा और सूरजपुर जिलों की सीमा पर स्थित गिधमुरी और पातुरिया कोयला ब्लॉक से मिलने की बात कही गई है। ये दोनों ब्लॉक हसदेव अरण्य क्षेत्र का हिस्सा हैं।
मंजूरी के मुताबिक उत्तराखंड सरकार अडानी पावर से 25 साल तक बिजली खरीदेगी। बिजली खरीद की दर 5.746 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है और वर्ष 2029 तक बिजली आपूर्ति शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि कोयला छत्तीसगढ़ से निकलेगा, लेकिन बिजली संयंत्र आखिर कहां लगेगा? फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि प्लांट छत्तीसगढ़ में खदानों के पास लगाया जाएगा या उत्तराखंड में।
इसी मुद्दे को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। विरोध करने वालों का कहना है कि अगर छत्तीसगढ़ का जंगल और कोयला इस्तेमाल होगा तो रोजगार और औद्योगिक लाभ भी राज्य को मिलना चाहिए।
हालांकि, दोनों खदानों में खनन शुरू होने से पहले पर्यावरणीय स्वीकृति, वन स्वीकृति और ग्राम सभा समेत अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।



