CGPSC SCAM | ED रेड और अब पूर्व पटवारी के परिवार पर नजर!

दुर्ग. दुर्ग में CGPSC घोटाला मामले की जांच के बीच ED ने पूर्व पटवारी कमलेश सिंह राजपूत के सिकोला भाठा स्थित घर पर दबिश दी। कमलेश करीब 15 साल तक छत्तीसगढ़ पटवारी संघ के प्रांताध्यक्ष रहे हैं।
ED की कार्रवाई के बाद अब जांच का फोकस परिवार की सरकारी नौकरियों और संपत्तियों तक पहुंच सकता है। कमलेश के चारों बच्चे सरकारी सेवा में हैं। इनमें दो बेटियां पटवारी, एक बेटी उप पंजीयक और बेटा नायब तहसीलदार बताया जा रहा है।

जांच में खास तौर पर उरला और करहीडीह इलाके की जमीनों और राजस्व रिकॉर्ड पर नजर हो सकती है। कमलेश इन क्षेत्रों में पटवारी रह चुके हैं, जबकि उनकी बेटी निवेदिता लंबे समय से उरला में पदस्थ बताई जा रही हैं।
अब ED यह जांच सकती है कि परिवार के नाम कितनी संपत्ति है, जमीनें कब खरीदी गईं और उनकी खरीद के लिए आय का स्रोत क्या था। हालांकि, संपत्तियों या परिवार के सदस्यों को लेकर सामने आ रही बातें अभी जांच का हिस्सा हैं और किसी तरह की अनियमितता साबित नहीं हुई है।



