BASTAR FARMERS PROTEST | बस्तर में किसानों का हल्लाबोल, अब सरकार से क्या मांग?

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बाढ़ से फसल बर्बाद होने के बाद बस्तर के किसानों ने कर्जमाफी और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में करीब 20 ट्रैक्टरों के साथ रैली निकाली गई। किसान मां दंतेश्वरी मंदिर से कलेक्ट्रेट पहुंचे और घेराव कर 16 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
किसानों की मांग है कि बाढ़ प्रभावितों का बैंक, सहकारी समिति और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) समेत सभी कृषि ऋण माफ किए जाएं। साथ ही गांव-गांव जाकर फसल नुकसान का सर्वे कराया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को उचित राहत मिल सके।
भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष नील कुमार बघेल ने कहा कि कई किसानों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। जब कमाई का जरिया ही खत्म हो गया, तो किसान कर्ज कैसे चुकाएंगे? संघ ने बाढ़ से प्रभावित किसानों को प्रति एकड़ 65,100 रुपये मुआवजा देने और फसल बीमा की राशि जल्द जारी करने की मांग की है।
इधर, बस्तर सांसद महेश कश्यप ने भी प्रभावितों की मदद के लिए प्रधानमंत्री से गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि इंद्रावती नदी के किनारे बसे कई गांवों में बाढ़ से मकानों, फसलों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। सांसद ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर राहत के लिए 500 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है।
कश्यप ने कहा कि किसानों की मांगों के समाधान के लिए मुख्यमंत्री और शासन स्तर पर बातचीत की जाएगी। अब किसानों को इंतजार है कि सरकार कर्जमाफी, सर्वे और मुआवजे पर क्या फैसला लेती है।



