CHHATTISGARH | मजदूर का नाम ‘राष्ट्रपति’, अब दिल्ली तक पहुंचा मामला!
एमसीबी। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के घुटरा गांव में रहने वाले एक मजदूर के नाम ने ऐसा मामला खड़ा कर दिया है, जिसकी चर्चा अब राष्ट्रपति सचिवालय तक पहुंच गई है। इस व्यक्ति का नाम ‘राष्ट्रपति’ है। अब संवैधानिक पदों से जुड़े शब्दों को व्यक्तिगत नाम के रूप में इस्तेमाल करने पर स्पष्ट नियम बनाने की मांग उठी है।
माता-पिता ने रखा था नाम

घुटरा गांव के निवासी राष्ट्रपति मजदूरी करके परिवार चलाते हैं। गांव के लोग उन्हें आमतौर पर ‘राजपति’ कहकर बुलाते हैं। लेकिन स्कूल की मार्कशीट और बैंक पासबुक जैसे दस्तावेजों में उनका नाम ‘राष्ट्रपति’ दर्ज है। बताया जाता है कि प्राथमिक स्कूल के दाखिला रजिस्टर में 14 जुलाई 1988 को भी यही नाम लिखा गया था।
उन्होंने कहा कि माता-पिता ने उनका नाम राष्ट्रपति रखा था। हालांकि, इतने बड़े संवैधानिक पद जैसा नाम होने के कारण उन्हें खुद भी कभी-कभी अटपटा लगता है।
राष्ट्रपति सचिवालय ने भेजा पत्र
इस मामले पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर के अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने आपत्ति जताई। उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर ‘राष्ट्रपति’, ‘प्रधानमंत्री’, ‘मुख्यमंत्री’, ‘राज्यपाल’ और ‘भारत’ जैसे शब्दों के व्यक्तिगत नाम के रूप में इस्तेमाल पर स्पष्ट नीति बनाने की मांग की।
राष्ट्रपति सचिवालय के पत्र के मुताबिक, 17 सितंबर 2026 को याचिका को आगे की कार्रवाई के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय और विधि एवं न्याय विभाग के संबंधित अधिकारियों के पास भेजा गया। प्रधानमंत्री कार्यालय में भी प्रक्रिया जारी होने की बात कही गई है।
फिलहाल इस मामले में कोई नया कानूनी नियम लागू होने की जानकारी नहीं है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मांग पर क्या रुख अपनाते हैं।



