MAHADEV SATTA SCAM | सौरभ चंद्राकर की पेशी से पहले कोर्ट में क्या हुआ?

रायपुर। 6 हजार करोड़ रुपए के महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में मुख्य आरोपी और प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाया जा चुका है।
सोमवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेशी के बाद अदालत ने उसे दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर CBI को सौंप दिया। अब उसे 4 नवंबर 2026 तक रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश करना होगा।
प्रत्यर्पण पर आरोपी के वकील ने उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान सौरभ के वकील ने दलील दी कि ओमान की अदालत ने भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध में ED के मामले को मंजूरी दी थी, जबकि CBI के मामले को मंजूरी नहीं मिली थी। वकील ने इसी आधार पर CBI की रिमांड पर सवाल उठाए।
वहीं CBI ने कहा कि रायपुर की विशेष अदालत पहले ही उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर चुकी थी। एजेंसी के मुताबिक, ED और CBI के मामले आपस में जुड़े हैं। प्रत्यर्पण की शर्तों और मुकदमा चलाने के अधिकार पर फैसला रायपुर की अदालत करेगी।
कई मामलों में चल रही जांच
छत्तीसगढ़ सरकार ने महादेव ऐप से जुड़े 13 FIR की जांच CBI को सौंपी थी। इनमें से दो मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। ED भी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है।
CBI के अनुसार, सट्टेबाजी के लिए अलग-अलग पैनल बनाए गए थे और रकम बैंक खातों के जरिए इकट्ठा कर विदेश भेजी जाती थी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गिरफ्तारी पर CBI को बधाई देते हुए कहा कि प्रोटेक्शन मनी किन लोगों तक पहुंचती थी, इसका खुलासा हो सकता है।
अब निगाहें रायपुर की विशेष अदालत में होने वाली पेशी पर हैं।



