CG TEACHER RECRUITMENT | शिक्षक भर्ती पर हाईकोर्ट का फैसला, अब SC पर नजर!

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती के आरक्षण रोस्टर को लेकर हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। जस्टिस ए.के. प्रसाद की एकलपीठ ने 58 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था को असंवैधानिक घोषित कर निरस्त किए जाने के बाद भी भर्ती प्रक्रिया में इसी आधार पर रोस्टर लागू करने से जुड़े विवाद पर स्थिति स्पष्ट की है।
पहले से नियुक्त शिक्षकों को राहत
अदालत ने पहले से नियुक्त शिक्षकों की सेवा जारी रखने के सवाल को आरक्षण व्यवस्था की संवैधानिक वैधता से अलग माना है। यानी आरक्षण रोस्टर पर सवाल उठने का मतलब यह नहीं है कि पहले से नौकरी कर रहे शिक्षकों को तत्काल सेवा से हटाने का निर्देश दिया गया है।
विवाद 2023 की भर्ती से जुड़ा
मामला स्कूल शिक्षा विभाग की 4 मई 2023 की भर्ती अधिसूचना से संबंधित है। याचिकाकर्ताओं ने अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के लिए लागू रोस्टर पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि इसका आधार बन रही 58 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था को हाईकोर्ट 19 सितंबर 2022 को ही असंवैधानिक घोषित कर चुका था।
सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए उप महाधिवक्ता ने बताया कि भर्ती में वर्ष 2019 की प्रक्रिया के करीब 3,190 बैकलॉग पद भी शामिल थे। सरकार ने यह भी कहा कि 2022 के हाईकोर्ट फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है और अंतरिम आदेश के तहत भर्ती आगे बढ़ी।
अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार
वर्तमान और भविष्य की नियुक्तियों के साथ पदोन्नति से जुड़े मामले भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित विशेष अनुमति याचिकाओं के अंतिम फैसले पर निर्भर रहेंगे। इस मामले का असर अलग-अलग वर्गों के उम्मीदवारों, बैकलॉग पदों और भविष्य की पदोन्नतियों पर पड़ सकता है।



