CHHATTISGARH | फर्जी सर्पदंश केस में बवाल, कर्मचारी संघ ने प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा

बिलासपुर। चर्चित फर्जी सर्पदंश मुआवजा घोटाले में कार्रवाई तेज हो गई है। तीन राजस्व लिपिकों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि 8 अन्य कर्मचारियों को बयान के लिए बुलाया गया है। मामले ने अब प्रशासनिक और कर्मचारी संगठनों के बीच टकराव का रूप ले लिया है।
गिरफ्तारी के विरोध में छत्तीसगढ़ प्रदेश राजस्व लिपिक संघ और कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने मोर्चा खोल दिया है। दोनों संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा है और चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं रुकी तो कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर जाएंगे।
तीन कर्मचारियों के जेल जाने के बाद तहसील कार्यालय में हड़ताल रही, जिससे सीमांकन, नामांतरण और बंटवारे जैसे राजस्व कार्य पूरी तरह ठप हो गए। दूसरी ओर पुलिस जांच जारी है और 8 अन्य कर्मचारियों के बयान होने बाकी हैं।
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब बिलासपुर में 431 कथित सर्पदंश मौतों के नाम पर करीब 17.24 करोड़ रुपए का मुआवजा बांटने का खुलासा हुआ। जांच में फर्जी दस्तावेजों और कथित अनियमितताओं के आधार पर कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।



