CHHATTISGARH | 492 दिन से धरने पर डटे अभ्यर्थी, अब किसका इंतजार?

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर डीएड योग्य अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का दावा है कि उनका आंदोलन 492वें दिन में पहुंच गया है, लेकिन नियुक्ति की राह अब भी साफ नहीं हुई है।
अभ्यर्थियों के मुताबिक, न्यायालय के आदेशों के बाद भी करीब 2300 पदों पर भर्ती लंबित है। वे शेष पात्र उम्मीदवारों के लिए छठवें चरण की काउंसलिंग जल्द कराने की मांग कर रहे हैं।
1319 को मिली नियुक्ति, बाकी का क्या?
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बीएड योग्य अभ्यर्थियों को सहायक शिक्षक पदों से हटाए जाने के बाद रिक्त हुए पदों पर डीएड उम्मीदवारों की नियुक्ति शुरू हुई थी। उनके अनुसार, अब तक करीब 1319 अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली है, जबकि कई पद खाली हैं। उन्होंने मेरिट सूची और काउंसलिंग प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए हैं।
अभ्यर्थी बिलासपुर हाईकोर्ट के 2 अप्रैल 2024 और 26 सितंबर 2025 के आदेशों के साथ सुप्रीम कोर्ट के 28 अगस्त 2024 के आदेश का हवाला दे रहे हैं।
मुंडन से दंडवत तक, फिर भी इंतजार
अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शनकारी सामूहिक मुंडन, दंडवत प्रदर्शन और खून से पत्र लिखने जैसे तरीके अपना चुके हैं। उनका कहना है कि आंदोलन के दौरान कई अभ्यर्थियों की तबीयत भी बिगड़ी, लेकिन अब तक नियुक्ति की स्पष्ट समय-सीमा नहीं मिली है।
अब अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार खाली पदों की सही संख्या सार्वजनिक करे, शिकायतों का समाधान करे और भर्ती का समयबद्ध कार्यक्रम जारी करे। फिलहाल नियुक्ति की अगली प्रक्रिया कब शुरू होगी, यह स्पष्ट नहीं है।



