CHHATTISGARH | मेरिट में टॉप, फिर भी नियुक्ति नहीं! अब HC का बड़ा आदेश

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की चयन सूची में पहला स्थान हासिल करने के बावजूद नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थी हैग्रिव परिहार को हाई कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि चार सप्ताह के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए।
चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की डिवीजन बेंच ने कहा कि दूसरे अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच के कारण ऐसे उम्मीदवार की नियुक्ति रोकना उचित नहीं था, जिसके खिलाफ कोई शिकायत नहीं थी और जिसके दस्तावेज भी सही पाए गए थे।
2023 में चयन, फिर भी अटकी नियुक्ति
कांकेर जिले के गोविंदपुर निवासी हैग्रिव परिहार ने पुरातत्व अधिकारी भर्ती के लिए आवेदन किया था। 17 अगस्त 2023 को जारी मेरिट सूची में वे पहले स्थान पर रहे। दस्तावेज सत्यापन के बाद 9 अक्टूबर 2023 को उनकी नियुक्ति की अनुशंसा भी कर दी गई, लेकिन नियुक्ति आदेश जारी नहीं हुआ।
भर्ती में कुछ अभ्यर्थियों के दस्तावेजों को लेकर शिकायतें मिलने के बाद जांच शुरू हुई। सरकार के मुताबिक, जांच जून 2024 में पूरी हुई। इस बीच मेरिट सूची की वैधता बढ़ाने की अनुमति नहीं मिली।
सरकार का आदेश रद्द, चार सप्ताह की मोहलत
राज्य सरकार ने 2 दिसंबर 2024 को मेरिट सूची की वैधता समाप्त होने का हवाला देकर परिहार का अभ्यावेदन खारिज कर दिया था। हाई कोर्ट ने इस आदेश को रद्द कर दिया।
कोर्ट ने कहा कि नियुक्ति में देरी के लिए अभ्यर्थी जिम्मेदार नहीं थे। निर्देश दिया गया है कि कोई दूसरी कानूनी बाधा नहीं होने पर नियमानुसार नियुक्ति आदेश जारी किया जाए और चार सप्ताह के भीतर कार्रवाई की जानकारी दी जाए।



