छत्तीसगढ़

दिव्यांग से रिश्वत मांगने के मामले में समाज कल्याण विभाग के अधीक्षक और प्रभारी सहायक संचालक सस्पेंड

पेंड्रा. गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में दिव्यांग से रिश्वत मांगने के मामले में समाज कल्याण विभाग के अधीक्षक और प्रभारी सहायक संचालक अरविंद गेडाम को सस्पेंड कर दिया गया है. उन पर प्रोत्साहन राशि दिलाने की एवज में रुपयों की मांग का आरोप है. इसके बाद छत्तीसगढ़ शासन के अवर सचिव गौरीशंकर शर्मा ने शनिवार शाम निलंबन का आदेश जारी कर दिया. रिश्वत मांगने की खबर को हरिभूमि डॉट कॉम ने प्रमुखता से प्रकाशित व प्रसारित किया था. सिंचाई नगर सारबहरा निवासी संजय ठाकुर दिव्यांग हैं. उनसे विकलांग मितान संतोष पटेल ने संपर्क किया और बताया था कि आप विकलांग हैं, इसलिए आपको दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत 50 हजार रुपए मिलेंगे. इसके लिए एक फॉर्म भरकर समाज कल्याण विभाग में जमा करना होगा. इसके बाद संजय ठाकुर ने फॉर्म भर कर संतोष पटेल के माध्यम से विभाग में जमा कर दिया.

कुछ दिन बाद संजय से विभाग के उप संचालक अरविंद गेडाम और संतोष पटेल ने कहा कि आपका चेक पास हो गया है, पैसे मिल जाएंगे. आरोप है कि इसके बदले में 25 हजार रुपए की मांग की गई. साथ ही कहा कि यह पैसा मंत्रालय तक जाता है. आरोप है कि घूस में मांगी रकम नहीं देने पर उसे परेशान करना शुरू कर दिया गया. नहीं देने पर नोटिस जारी करने की धमकी दी गई. इसके बाद संजय ने 25 हजार रुपए दे दिए और FIR दर्ज करा दी. शिकायत दर्ज होने के बाद मामले की जांच कराई गई. इसमें सत्यता मिलने पर निलंबन की कार्रवाई की गई है. तब तक बिलासपुर के उपसंचालक हेरमन खलखो को प्रभार सौंपा गया है. बताया जा रहा है कि अब तक 4 लोगों ने दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत मिलने वाली 50 हजार की राशि को लेकर 20 से 30 हजार रुपए रिश्वत की दिए हैं. इसकी शिकायत दिव्यांग जनों ने शासन प्रशासन से भी की है.

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