छत्तीसगढ़

मंत्री अनिला भेड़िया की गाड़ी का फिटनेस पास करने मांगी रिश्वत, नहीं देने पर एजेंट का फोड़ा सिर

रायपुर। आरटीओ कार्यालय में भ्रष्टाचार किस तरह से हावी है, इसका नजारा मंगलवार शाम को देखने को मिला। कांग्रेस सरकार में महिला बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया के देवर राकेश भेड़िया की गाड़ी का फिटनेस कराने गए एजेंट और किसान कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री हरीश रहेजा से ट्रांसपोर्टर इंस्पेक्टर रामकुमार ध्रुव और टीएसआइ पंचम द्वारा अवैध उगाही के लिए रखे गए दो बाहरी तत्वों ने एक हजार रुपये अतिरिक्त मांगा।
एजेंट ने पैसा देने से इन्कार किया तो दोनों ने मारपीट कर टाइल्स मारकर सिर फोड़ दिया। घटना की शिकायत पर खमतराई पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर ली है। विधायक विकास उपाध्याय ने घटना की निंदा करते हुए आरटीओ कार्यालय में व्याप्त भर्राशाही के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
मारपीट में घायल फाफाडीह, देवेंद्र नगर निवासी किसान कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री और आरटीओ एजेंट हरीश रहेजा (41) ने बताया कि उन्होंने सात ट्रकों का फिटनेस कराने के लिए आरटीओ कार्यालय में आवेदन जमा किया था। सभी गाड़ियों की बाकायदा फिटनेस फीस भी जमा कर दी थी।
मंगलवार शाम को सवा चार बजे फिटनेस पता करने आरटीओ कार्यालय गया तो ट्रांसपोर्टर इंस्पेक्टर रामकुमार ध्रुव और टीएसआइ पंचम के कमरे में बैठे बाहरी युवक रमेश कुमार ध्रुव व मौसा ने फिटनेस चार्ज पर एक हजार रुपये और देने को कहा। हरीश ने निर्धारित फीस जमा करने की बात कही तो दोनों ने कहा, फिटनेस पास कराने का यह साहब का फीस है।
इस पर हरीश ने कहा कि मंत्री अनिला भेड़िया जी के देवर की गाड़ी है, देख लें और पैसा नहीं दे पाऊंगा। इतना सुनते ही रमेश ध्रुव व मौसा ने गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी देने लगे। इसी दौरान रमेश ने कार्यालय में रखी टाइल्स उठाकर हरीश के सिर पर दे मारा। इस हमले में सिर फट गया और खून निकलने लगा।
मौके पर मौजूद प्रकाश पुजारा, प्रकाश कुकरेजा ने बीच-बचाव किया। हमले के बाद हो-हंगामा होते देख कर दोनों आरोपित वहां से भाग निकले। देर शाम हरीश की शिकायत पर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ धारा 294, 506, 323, 34 के तहत अपराध कायम कर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि लंबे समय से आरटीओ दफ्तर के कर्मचारियों ने अवैध उगाही करने के लिए बाहरी लोगों को बाकायदा पैसे देकर काम पर रखा है। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई होती।
आरटीओ दफ्तर में बाहरी तत्वों द्वारा मारपीट की घटना के बारे में आरटीओ पुलक भट्टाचार्य से जानकारी चाहने उनके मोबाइल पर कई बार कॉल किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया और न ही मैसेज का कोई जबाव नहीं दिया।

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