Naxalism In Chhattisgarh: नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 12 से घटकर 6 हुई, अमित शाह ने की नक्सल मुक्त भारत की दिशा में बड़ी उपलब्धि की घोषणा
Naxalism In Chhattisgarh: एंटी नक्सल ऑपरेशनों में सुरक्षाबलों की लगातार सफलता के चलते कई इलाके अब नक्सल मुक्त..

02, April, 2025 | रायपुर/दिल्ली | Naxalism In Chhattisgarh: एंटी नक्सल ऑपरेशनों में सुरक्षाबलों की लगातार सफलता के चलते कई इलाके अब नक्सल मुक्त होने के करीब हैं। केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। इसी सिलसिले में गृह मंत्रालय ने नक्सल प्रभावित जिलों की ताजा समीक्षा रिपोर्ट जारी की है, जिसमें बताया गया है कि अब नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 12 से घटकर 6 रह गई है।
गृह मंत्री अमित शाह ने इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नक्सल मुक्त भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने और अन्य सुरक्षा उपायों के कारण नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या अब घटकर 6 रह गई है।”
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव
गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, नक्सलवाद से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में छत्तीसगढ़ के बीजापुर, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा, झारखंड का पश्चिमी सिंहभूम और महाराष्ट्र का गढ़चिरौली शामिल हैं। सरकार का मानना है कि सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई, नए सुरक्षा शिविरों की स्थापना और विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन से नक्सली गतिविधियों में कमी आई है।
सुरक्षा उपायों में वृद्धि और विकास योजनाएं
रिपोर्ट के अनुसार, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है और सड़क नेटवर्क, परिवहन सुविधाओं, बिजली, पानी और अन्य सरकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। गृह मंत्रालय के मुताबिक, भारत में कुल 38 नक्सल प्रभावित जिले हैं, जिनमें से 12 जिलों से घटकर अब सिर्फ 6 जिलों में नक्सल प्रभाव बना हुआ है। डिस्ट्रिक्ट ऑफ कन्सर्न की संख्या भी 9 से घटकर 6 हो गई है।
केंद्र सरकार की विशेष योजना और वित्तीय सहायता
केंद्र सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष केंद्रीय सहायता योजना चला रही है, जिसके तहत सबसे अधिक प्रभावित जिलों को 30 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। डिस्ट्रिक्ट ऑफ कन्सर्न को 10 करोड़ रुपये की मदद मिलती है, और आवश्यकता पड़ने पर विशेष परियोजनाओं का भी प्रावधान किया जाता है।
नक्सल मुक्त भारत की दिशा में नए कदम
गृह मंत्रालय के अनुसार, सुरक्षा बलों के नए शिविरों के निर्माण से नक्सलवाद पर नियंत्रण पाना संभव हुआ है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “नक्सल मुक्त भारत की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए देश ने वामपंथी उग्रवाद से सर्वाधिक प्रभावित जिलों की संख्या को 12 से घटाकर मात्र 6 करके एक नई उपलब्धि हासिल की है।” यह कदम संकेत देता है कि सरकार आगामी समय में नक्सलवाद पर और अधिक प्रभावी नियंत्रण करेगी।