CG CONSTABLE BHARTI | आरक्षक भर्ती में शक, अभ्यर्थी गृहमंत्री के बंगले पहुंचे …

रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में अभ्यर्थी गृहमंत्री विजय शर्मा के बंगले पहुंचे। उम्मीदवारों ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां रखीं और निष्पक्ष जांच की मांग की। गृहमंत्री विजय शर्मा खुद बंगले के बाहर पहुंचे और अभ्यर्थियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
शुरुआत में अभ्यर्थी बंगले के बाहर बैठकर अपनी मांगें रखते रहे। गृहमंत्री ने उन्हें अंदर आकर चर्चा करने की समझाइश दी, लेकिन अभ्यर्थियों ने कहा कि जब तक सभी साथी नहीं पहुंचते, वे अंदर नहीं जाएंगे। कुछ देर बाद सभी अभ्यर्थियों के पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल बंगले के भीतर गया, जहां बातचीत जारी है।
गृहमंत्री का दावा
इससे पहले गृहमंत्री विजय शर्मा ने विधानसभा भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय तरीके से संपन्न की गई है। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों की मांग पर सभी उम्मीदवारों के प्राप्तांक सार्वजनिक कर दिए गए हैं। अब कोई भी उम्मीदवार किसी भी जिले के अभ्यर्थी के अंक विभागीय वेबसाइट पर देख सकता है। इसके लिए QR कोड भी जारी किए गए हैं, जिससे सीधे रिजल्ट पोर्टल तक पहुंचा जा सकता है।
एक अभ्यर्थी, कई जिले
एक ही अभ्यर्थी के कई जिलों में चयन को लेकर उठे सवालों पर गृहमंत्री ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि खुली प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए अभ्यर्थियों को किसी भी जिले से शारीरिक परीक्षा देने की अनुमति दी गई थी। कई अभ्यर्थियों ने एक से अधिक जिलों में शारीरिक परीक्षा पास की।
ऐसे मामलों में लिखित परीक्षा एक ही बार ली गई, लेकिन जिन-जिन जिलों में शारीरिक परीक्षा पास की थी, वहां लिखित परीक्षा के अंक जोड़े गए। हालांकि अंतिम चयन केवल एक ही जिले में होगा। बाकी जिलों में वेटिंग लिस्ट के आधार पर अन्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।
5,967 पद, करीब 7 लाख आवेदन
एडीजी कल्लूरी के मुताबिक, पुलिस आरक्षक भर्ती में कुल 5,967 पदों के लिए करीब 7 लाख आवेदन आए थे। भर्ती परीक्षा का परिणाम 9 दिसंबर को जारी किया गया। अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने के कारण संदेह और सवाल उठना स्वाभाविक है। विभाग का दावा है कि हर शिकायत को तथ्यों के आधार पर सुना जाएगा।



