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CG TEACHER PROMOTION | शिक्षक प्रमोशन में खेल! नियम ताक पर, CM से हस्तक्षेप की मांग

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षक पदोन्नति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने नियमित शिक्षकों को दरकिनार करते हुए केवल शिक्षक एलबी संवर्ग का डीपीसी कर व्याख्याता पदोन्नति सूची जारी कर दी है। विभागीय अधिकारियों पर नियमों की अनदेखी और मनमानी का आरोप लगाते हुए अब छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ खुलकर सामने आ गया है।

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छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को पत्र लिखकर इस पदोन्नति प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। संघ का कहना है कि नियमित शिक्षक और शिक्षक एलबी का संयुक्त डीपीसी होना चाहिए था, लेकिन जानबूझकर एक वर्ग को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों को ताक पर रख दिया गया।

संघ ने पत्र में बताया कि 22 दिसंबर 2025 को डीपीसी बैठक के बाद लोक शिक्षण संचालनालय के उपसंचालक से चर्चा हुई थी, जिसमें नियम विरुद्ध प्रक्रिया को सुधारने का आश्वासन भी मिला था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि आश्वासन के कुछ ही घंटों बाद 26 दिसंबर 2025 को उन्हीं के हस्ताक्षर से पदोन्नति सूची जारी कर दी गई। इससे प्रदेश भर के शिक्षकों और प्रधान पाठकों ई संवर्ग में भारी आक्रोश है।

संघ का आरोप है कि स्कूल शिक्षा विभाग के भर्ती एवं पदोन्नति अधिनियम 2019, सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश और संवैधानिक प्रावधानों का खुला उल्लंघन किया गया है। शिक्षक व प्रधान पाठक ई संवर्ग के वरिष्ठों की पूरी तरह उपेक्षा कर केवल शिक्षक एलबी संवर्ग को लाभ पहुंचाया गया।

मामला यहीं नहीं रुका है। नियमित शिक्षकों का कहना है कि हाईकोर्ट से वरिष्ठता से जुड़े मामले में विभाग पहले ही हार चुका है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि वरिष्ठता नियुक्ति तिथि से मानी जाए और सूची में सुधार किया जाए। इसके बावजूद विभाग ने न तो डिवीजन बेंच में समय पर अपील की और न ही कोर्ट के आदेशों के अनुरूप कार्रवाई की। उल्टा, आनन-फानन में नियमित शिक्षकों को बाहर कर शिक्षक एलबी की पदोन्नति सूची जारी कर दी गई।

शिक्षकों का आरोप है कि यह न केवल न्यायालयीन आदेशों की अवहेलना है, बल्कि अवमानना के दायरे में भी आता है। संघ ने यह भी दावा किया है कि प्रमोशन प्रक्रिया में जानबूझकर नाम गायब करने, बाद में जोड़ने और सुनियोजित गड़बड़ियों का खेल पहले भी खेला जा चुका है।

छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने सरकार से मांग की है कि जारी पदोन्नति सूची को तत्काल निरस्त किया जाए और नियमित शिक्षक व शिक्षक एलबी दोनों संवर्गों की संयुक्त डीपीसी कर पात्र शिक्षकों को नियमानुसार पदोन्नति दी जाए, ताकि शिक्षा विभाग में फैली अराजकता पर रोक लग सके।

 

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