KHALEDA ZIA DEATH | दुश्मन रहे, लेकिन दिल से शोक जताया शेख हसीना ने …

नई दिल्ली। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की अध्यक्ष और देश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के निधन पर बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने खालिदा जिया के निधन को न सिर्फ बीएनपी, बल्कि पूरे बांग्लादेश की राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताया है। आवामी लीग ने शेख हसीना का यह संदेश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया है।
शेख हसीना के हवाले से पोस्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में खालिदा जिया का योगदान और लोकतंत्र की स्थापना के लिए उनका संघर्ष हमेशा याद रखा जाएगा। उनका जाना देश की राजनीति और बीएनपी के नेतृत्व के लिए अपूरणीय क्षति है।
BNP ने मंगलवार, 30 दिसंबर 2025 को खालिदा जिया के निधन की आधिकारिक जानकारी दी। पार्टी के अनुसार सुबह करीब 6 बजे 80 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से फेफड़ों और दिल की गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं।
बेगम खालिदा जिया बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं और उन्होंने दो बार प्रधानमंत्री पद संभाला। पहली बार 1991 से 1996 तक और दूसरी बार 2001 से 2006 तक उन्होंने देश की कमान संभाली। वहीं, शेख हसीना पांच बार प्रधानमंत्री रहीं, लेकिन पिछले साल हुए तख्तापलट और उग्र विरोध प्रदर्शनों के बाद उन्हें पद छोड़ना पड़ा और देश छोड़कर भारत आना पड़ा।
खालिदा जिया और शेख हसीना बांग्लादेश की राजनीति के दो सबसे बड़े चेहरे रहे हैं। दशकों तक चली उनकी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को ‘बैटल ऑफ बेगम्स’ के नाम से जाना जाता है। कभी तानाशाही के खिलाफ साथ खड़ी दिखीं दोनों नेता बाद में सत्ता की राजनीति में एक-दूसरे की कट्टर विरोधी बन गईं।
खालिदा जिया को बांग्लादेश में जनमत संग्रह के जरिए राष्ट्रपति प्रणाली से संसदीय प्रणाली लागू कराने का श्रेय भी दिया जाता है, जिससे प्रशासनिक शक्तियां प्रधानमंत्री के पास आईं। विदेश नीति के मोर्चे पर भी दोनों नेताओं के रुख अलग रहे। खालिदा जिया के कार्यकाल में चीन और पाकिस्तान को ज्यादा तवज्जो दी गई, जबकि शेख हसीना के नेतृत्व में बांग्लादेश और भारत के रिश्ते मजबूत हुए।



