CG BREAKING | 170 दिन बाद चैतन्य बघेल जेल से रिहा …

रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को करीब 170 दिन बाद रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। जेल के बाहर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुटी रही। ढोल-नगाड़ों, नारेबाजी और आतिशबाजी के साथ चैतन्य का जोरदार स्वागत किया गया।
रिहाई के मौके पर खुद भूपेश बघेल सेंट्रल जेल पहुंचे और बेटे को साथ लेकर कार चलाकर रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि बेटे की गिरफ्तारी उसके जन्मदिन पर हुई थी, जबकि रिहाई पोते के जन्मदिन के आसपास हुई है। उन्होंने इसे न्याय की जीत बताया और कहा कि लंबे इंतजार के बाद परिवार और समर्थकों को राहत मिली है।
चैतन्य बघेल को 18 जुलाई 2025 को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत गिरफ्तार किया था। इसके बाद सितंबर में ACB/EOW ने भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया। हाईकोर्ट में लंबी सुनवाई के बाद जमानत पर फैसला सुरक्षित रखा गया था, जिस पर अब आदेश जारी हुआ है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने सवाल उठाया कि सह-आरोपी लक्ष्मी नारायण बंसल के बयान पर भरोसा किया गया, लेकिन उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट होने के बावजूद उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। कोर्ट ने इसे कानून के चुनिंदा इस्तेमाल का उदाहरण बताया और जांच की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए।
मामले में हाईकोर्ट ने राज्य के DGP को भी फटकार लगाई और निर्देश दिए कि वे व्यक्तिगत रूप से निगरानी करें, ताकि भविष्य में किसी आरोपी को संरक्षण या अनुचित ढील न मिले।
ईडी का आरोप है कि वर्ष 2019 से 2022 के बीच हुए शराब घोटाले में चैतन्य बघेल ने कथित तौर पर करीब 1,000 करोड़ रुपये के लेन-देन को संभाला। वहीं ACB का दावा है कि उन्हें घोटाले से 200 से 250 करोड़ रुपये का हिस्सा मिला, जबकि कुल घोटाले की रकम 3,200 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
जमानत के बाद कांग्रेस समर्थकों में उत्साह देखने को मिला और कई जगहों पर जश्न मनाया गया।



