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CG POLICE ACTION | महिला आरक्षक का अपमान पड़ा भारी ..

 

रायपुर। रायगढ़ जिले से कानून का सख्त संदेश देने वाली बड़ी कार्रवाई सामने आई है। तमनार क्षेत्र में महिला आरक्षक के साथ मारपीट और अमानवीय व्यवहार के मुख्य आरोपी चित्रसेन साव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जूते-चप्पलों की माला पहनाकर सड़क से थाने तक जुलूस में निकाला गया।

हेमू कालानी चौक से चक्रधर नगर थाना तक निकाले गए जुलूस के दौरान आरोपी कान पकड़कर माफी मांगता नजर आया। वह बार-बार कहता रहा कि “वर्दी फाड़ना पाप है, पुलिस हमारी बाप है।” पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए साफ संदेश दिया कि महिला पुलिसकर्मियों पर हाथ उठाने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

इस सनसनीखेज मामले में अब तक कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है और उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद महिला पुलिसकर्मियों ने केक काटकर और पटाखे फोड़कर खुशी जताई। उनका कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ एक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा की जीत है।

प्रभारी महिला सेल दीपिका निर्मलकर ने कहा कि चाहे महिला अधिकारी हो या आम नागरिक, गलत करने वाले को सजा मिलकर रहेगी। वहीं घरघोड़ा थाना प्रभारी कुमार गौरव ने बताया कि महिला पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़ने वाला आरोपी पकड़ा जा चुका है और बाकी आरोपियों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।

क्या है पूरा मामला :

27 दिसंबर को रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में JPL (जिंदल) कोयला खदान के खिलाफ उग्र प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। एक महिला कॉन्स्टेबल के साथ मारपीट, बदसलूकी और कपड़े उतारने की कोशिश की गई। महिला आरक्षक रोते हुए हाथ जोड़कर छोड़ने की गुहार लगाती रही, लेकिन भीड़ बेरहमी से पेश आती रही।

हिंसा के दौरान तमनार थाना प्रभारी महिला टीआई कमला पुसाम को भी महिलाओं के एक समूह ने लात-घूंसे से पीटा। वह बेहोश हो गईं, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पानी डालकर उन्हें होश में लाने की कोशिश की।

उग्र भीड़ ने पुलिस बस, जीप और एम्बुलेंस समेत कई वाहनों में आग लगा दी। इसके बाद जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट में घुसकर तोड़फोड़ और आगजनी की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांच के आदेश दिए हैं और साफ कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि 2 जनवरी को पहले गिरफ्तार आरोपियों के समय भी महिला आरक्षकों ने जुलूस निकालने की मांग की थी, जिसे अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूरा किया गया।

 

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