RAIPUR DIRTY WATER | इंदौर के बाद रायपुर में भी दूषित पानी का खतरा !

रायपुर। मध्यप्रदेश के इंदौर में गंदे पानी से बिगड़े हालात के बीच अब रायपुर की पेयजल व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई है। राजधानी के कचना हाउसिंग बोर्ड इलाके में बीते करीब एक महीने से लोगों को गंदा, बदबूदार और दूषित पानी सप्लाई किया जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि नलों से आने वाले पानी में गटर जैसी तेज बदबू है और कई बार उसमें मरी हुई मछलियां तक दिख रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस दूषित पानी की वजह से कॉलोनी के कई घरों में बच्चे बीमार पड़ चुके हैं। रहवासियों ने यह भी बताया कि कुछ साल पहले इसी इलाके में दूषित पानी पीने से एक महिला की मौत हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद नगर निगम ने अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया।
स्थिति इतनी गंभीर है कि लोग मजबूरी में पानी उबालकर पीने को मजबूर हैं, फिर भी बीमारियां कम नहीं हो रही हैं। कई परिवार नहाने तक के लिए ड्रम और कंटेनरों में बाहर से लाया गया पानी इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है और इलाके में डर व आक्रोश दोनों बढ़ते जा रहे हैं।
गटर का पानी कैसे मिल रहा है?
रहवासियों के मुताबिक कॉलोनी में सीवर चैंबर के भीतर से ही पेयजल पाइपलाइन गुजर रही है। पाइपलाइन में जैसे ही लीकेज होता है, सीवर का गंदा पानी सीधे पीने के पानी में मिल जाता है। बारिश के मौसम में जलभराव के कारण यह समस्या और ज्यादा गंभीर हो जाती है।
लोगों ने जोन कार्यालय और नगर निगम में कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक ड्रेनेज सिस्टम और पाइपलाइन की मरम्मत नहीं की गई। आरोप है कि अधिकारी सिर्फ आश्वासन देकर मामले को टाल रहे हैं।
रहवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो इलाके में बड़ी जनहानि हो सकती है। लोगों की मांग है कि पेयजल और सीवर लाइनों को अलग किया जाए, दूषित पाइपलाइन बदली जाए और क्षेत्र में नियमित जल गुणवत्ता जांच शुरू की जाए।



