CGPSC 2021 SCAM | रिसॉर्ट में हल हुआ CGPSC का पेपर, करोड़ों में बिके अफसर पद!

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) 2021 भर्ती घोटाले को लेकर CBI की अंतिम चार्जशीट ने सिस्टम की जड़ें हिला दी हैं। जांच में सामने आया है कि यह पूरा खेल रायपुर से 125 किमी दूर बारनवापारा के घने जंगलों में बने एक निजी रिसॉर्ट में रचा गया, जहां परीक्षा से पहले ही चयन की पटकथा लिख दी गई थी।
CBI के मुताबिक, तत्कालीन CGPSC अध्यक्ष टामन सोनवानी और कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर ने मिलकर 35 “फिक्स” अभ्यर्थियों को रिसॉर्ट में ठहराया। यहां उन्हें न सिर्फ खास कोचिंग दी गई, बल्कि प्रश्नपत्र लीक कर चयन सूची तक तैयार कर ली गई।
11 से 24 मई तक चला ‘गुप्त कैंप’
चार्जशीट में दावा है कि 11 से 24 मई 2022 के बीच 35 अभ्यर्थियों को पर्यटक बताकर रिसॉर्ट में रखा गया। ये सभी अभ्यर्थी बड़े कारोबारी, नेताओं और रसूखदार परिवारों से जुड़े बताए गए हैं। बुकिंग राहुल हरपाल के जरिए कराई गई थी।
कमरे में हल कराया गया असली पेपर
CBI जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अभ्यर्थियों को राज्य सेवा परीक्षा का असली प्रश्नपत्र दिया गया और उन्होंने अपने-अपने कमरों में बैठकर सवाल हल किए। बाद में इन्हीं के आधार पर चयन सूची को मनचाहे ढंग से फाइनल किया गया।
पद के हिसाब से करोड़ों की डील
चार्जशीट में यह भी सामने आया है कि चयन के लिए रेट लिस्ट तय थी।
डिप्टी कलेक्टर पद के लिए 1 करोड़ रुपये तक की डील
मेंस परीक्षा का प्रश्नपत्र साल्वरों तक पहुंचाने की पुष्टि
विकास और उत्कर्ष चंद्राकर की भूमिका स्पष्ट
भूपेश सरकार के कार्यकाल में हुई परीक्षा
CGPSC 2021 की मुख्य परीक्षा 26 से 29 जुलाई 2022 के बीच तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में हुई थी। CBI का कहना है कि इस घोटाले में कई बड़े अधिकारी, नेता और प्रभावशाली लोग अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हो सकते हैं, जिनकी जांच अभी जारी है।



