CG POLITICS | CM पर भारी होने का दावा, कांग्रेस की अंदरूनी कलह फिर बेनकाब

कोरबा. छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के एक निजी न्यूज चैनल के शो में दिए गए बयान ने सियासत में भूचाल ला दिया है। अग्रवाल ने न सिर्फ अपनी ही पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार, बल्कि मौजूदा बीजेपी सरकार की कार्यशैली पर भी सीधे सवाल दाग दिए। लाइव शो में उन्होंने कहा “मैं खुद मंत्री था, इसलिए मुख्यमंत्री पर भारी था… मैंने लाख रोक के बावजूद मेडिकल कॉलेज खुलवाया।”
अग्रवाल के इस बयान के मुताबिक, जनहित के कई कामों में उनकी ही सरकार रोड़ा बनती रही। उन्होंने अपने कार्यकाल में कोरबा में मेडिकल कॉलेज, आत्मानंद स्कूल-कॉलेज, आईटीआई और केंद्रीय विद्यालय खुलवाने का दावा किया। यहां तक कहा कि शहर को जाम से राहत दिलाने के लिए SECL से 300 करोड़ रुपये का फंड भी दिलाया, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के चलते सड़क निर्माण आज तक अधूरा है।
न्यूज चैनल के शो में यह बयान आते ही कांग्रेस की अंदरूनी एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए। सत्ता से बाहर हुए दो साल बीतने के बाद भी पार्टी के कई नेता हार की वजह गुटबाजी और साजिश को मानते हैं और यही हकीकत अब सार्वजनिक मंच पर खुलकर सामने आती दिख रही है।
अग्रवाल यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि कोरबा का दुर्भाग्य है कि यहां दोनों सरकारों में “छांट-छांटकर नमूने किस्म के अधिकारी” भेजे जाते हैं। खदानों से डीजल-कोयला चोरी पर भी उन्होंने बड़ा दावा कियाकहा कि यह पहले भी होती थी और आज भी जारी है। फर्क सिर्फ इतना है कि अब वे विधायक नहीं हैं, इसलिए उसी ढंग से विरोध नहीं कर पा रहे।
सबसे चौंकाने वाला बयान तब आया जब उन्होंने कहा “मैं मंत्री था, इसलिए मुख्यमंत्री पर भारी था।” इसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है क्या मुख्यमंत्री पर भारी पड़ना ही जयसिंह अग्रवाल को भारी पड़ गया? यह भी किसी से छिपा नहीं कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल और जयसिंह अग्रवाल के रिश्ते इन दिनों सहज नहीं हैं। ऐसे में यह बयान कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान और अंतर्कलह को एक बार फिर सार्वजनिक मंच पर ले आया है।



