BHARATMALA SCAM | 3 पटवारियों पर पहला चालान …

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित भारत माला परियोजना मुआवजा घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन पटवारियों के खिलाफ पहला पूरक चालान कोर्ट में पेश किया है। जांच में सामने आया है कि खसरों के मूल दस्तावेजों में हेरफेर कर सरकार को करीब 40 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
EOW के अनुसार रायपुर–विशाखापट्टनम प्रस्तावित इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए भू-अर्जन मामलों में इन पटवारियों ने भू-माफियाओं के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा। आरोप है कि अधिग्रहित सरकारी जमीन को निजी भूमि बताकर दोबारा मुआवजा दिलाया गया, निजी जमीन के गलत मुआवजे बनाए गए और बैकडेट में खाता बंटवारा व नामांतरण के फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए।
इस मामले में दिनेश पटेल, लेखराम देवांगन और बसंती घृतलहरे को 29 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। इनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के साथ IPC की 409, 467, 471, 420 और 120-बी के तहत केस दर्ज है। 24 जनवरी 2026 को EOW ने तीनों के खिलाफ पहला पूरक चालान कोर्ट में पेश किया है।
जांच में यह भी सामने आया कि अभनपुर क्षेत्र में पदस्थ अधिकारियों ने बैकडेट में दस्तावेजों में हेरफेर कर जमीन मालिकों और सरकार को नुकसान पहुंचाया। एक ही परिवार की जमीन को सर्वे से ठीक पहले 14 लोगों के नाम बांट दिया गया, जिसके बाद 70 करोड़ रुपये से ज्यादा का मुआवजा बांट दिया गया।
इस घोटाले को लेकर पहले भी EOW ने रायपुर, महासमुंद, दुर्ग और बिलासपुर में 17 से 20 अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी कर दस्तावेज जब्त किए थे। वहीं NHAI ने भी गड़बड़ियों पर आपत्ति जताते हुए मुआवजा भुगतान पर रोक लगवाई थी।



