DHARMENDRA PRADHAN | UGC नियम पर देशभर में आग, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बोले ..

नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियम को लेकर देशभर में विरोध तेज हो गया है। छात्र संगठनों से लेकर अफसरों और नेताओं तक, हर स्तर पर इस फैसले के खिलाफ आवाज़ उठ रही है। उत्तर प्रदेश में तो मामला उस वक्त और गरमा गया, जब सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा तक भेज दिया।
इसी कड़ी में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने भी UGC के नए नियमों के विरोध में इस्तीफा सौंप दिया। हालांकि, इस्तीफे के तुरंत बाद राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया, जिससे विरोध और ज्यादा भड़क गया।
विवाद बढ़ने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सामने आए। उन्होंने कहा कि किसी को भी गलत करने की छूट नहीं दी जाएगी। पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुई है और राज्य सरकार अपने स्तर पर जो जरूरी होगा, वह करेगी। उन्होंने साफ किया कि किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव या अत्याचार नहीं होने दिया जाएगा।
वहीं आजाद समाज पार्टी-कांशीराम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने UGC के नए नियमों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि SC-ST और OBC होने का दर्द वही समझ सकता है, जो खुद उस वर्ग से आता हो। उनके मुताबिक, यह गाइडलाइन उच्च शिक्षण संस्थानों में बढ़ते अपराधों को ध्यान में रखकर बनाई गई है और इसमें SC-ST के साथ OBC, EWS और दिव्यांग छात्रों को भी शामिल किया गया है।
दूसरी ओर, सामान्य वर्ग के छात्रों में इस नियम को लेकर गहरी नाराजगी है। उनका कहना है कि यह व्यवस्था भेदभाव को बढ़ावा दे सकती है और कई छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। इसी वजह से वे इस नियम को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
देशभर में चल रहे विरोध और समर्थन के बीच अब सबकी नजरें सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं।



