BUDGET 2026 | बजट में छत्तीसगढ़ की एंट्री, खनन गलियारे का बड़ा ऐलान

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 पेश करते हुए साफ कर दिया कि सरकार का फोकस टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और संसाधनों की आत्मनिर्भरता पर है। बजट भाषण में उन्होंने देश और लोगों के चौतरफा विकास के लिए कई बड़े ऐलान किए।
आईटी और टेक सेक्टर को मजबूती देने के लिए वित्त मंत्री ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 (ISM 2.0) शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आईपी डिजाइन को बढ़ावा दिया जाएगा। करीब 40 करोड़ रुपये के इस प्रस्ताव में इंडस्ट्री-लीड रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर्स पर खास फोकस रहेगा, ताकि स्किल्ड और टेक-रेडी वर्कफोर्स तैयार की जा सके।
वैश्विक हालात पर बात करते हुए सीतारमण ने कहा कि दुनिया इस वक्त व्यापार, सप्लाई चेन और संसाधनों की उपलब्धता को लेकर दबाव में है। नई तकनीकें उत्पादन प्रणाली बदल रही हैं और पानी, ऊर्जा व अहम खनिजों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में भारत को आत्मविश्वास के साथ वैश्विक बाजार से जुड़ते हुए निर्यात बढ़ाना और दीर्घकालिक निवेश आकर्षित करना होगा।
बजट में छत्तीसगढ़, ओडिशा और केरल को बड़ी सौगात देते हुए तीन राज्यों में खनन गलियारे (Mining Corridor) बनाने का ऐलान किया गया। इससे खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग, निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बायो-फार्मा सेक्टर के लिए भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। भारत को वैश्विक बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए ‘बायो फार्मा शक्ति’ योजना लाई जाएगी। इसके लिए अगले 5 सालों में 10,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर के घरेलू उत्पादन को मजबूती मिलेगी।
आर्थिक विकास को गति देने के लिए सरकार छह प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस करेगी, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार, पारंपरिक उद्योगों का पुनर्जीवन, चैंपियन MSMEs का निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा, दीर्घकालिक सुरक्षा और सिटी इकोनॉमिक रीजन का विकास शामिल है।
गौरतलब है कि निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है और प्रणब मुखर्जी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।



