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COLLECTOR ABUJHMAD VISIT | नक्सल गढ़ में सरकार की दस्तक, अबूझमाड़ पहुंचे कलेक्टर

 

बीजापुर। छत्तीसगढ़ का अबूझमाड़ इलाका, जिसे कभी नक्सलियों की मांद माना जाता था, आज इतिहास का गवाह बना। आज़ादी के 78 साल बाद पहली बार बीजापुर जिले का पूरा प्रशासनिक अमला इस दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचा। खुद कलेक्टर संबित मिश्रा अधिकारियों की टीम के साथ अबूझमाड़ पहुंचे, जिसके बाद यह दौरा पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।

यह सिर्फ एक औपचारिक दौरा नहीं था, बल्कि सरकार और प्रशासन की उस बदली हुई सोच का संकेत था, जिसमें दशकों से कटे हुए इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने की मंशा साफ नजर आई। अबूझमाड़ के तुलारगुफा और मंगनार गांव तक पहुंचने के लिए अधिकारियों को पहले मोटरसाइकिल से सफर करना पड़ा, फिर करीब 7 किलोमीटर का पैदल रास्ता तय किया गया। घने जंगल, दुर्गम पहाड़ियां और सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद यह मिशन पूरा किया गया।

कलेक्टर संबित मिश्रा की इस पहल को प्रशासनिक साहस और जमीनी नेतृत्व का उदाहरण माना जा रहा है। लंबे समय तक जहां आम नागरिकों और सरकारी तंत्र की पहुंच नहीं थी, वहां प्रशासन की मौजूदगी अपने आप में एक बड़ा संदेश है।

कौन हैं कलेक्टर संबित मिश्रा?

बीजापुर कलेक्टर संबित मिश्रा 2018 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वे मूल रूप से भुवनेश्वर (ओडिशा) के रहने वाले हैं और अपनी सादगी, फील्ड में सक्रियता और जमीनी कामकाज के लिए पहचाने जाते हैं। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने 51वीं रैंक हासिल की थी।

IIT कानपुर से इंजीनियर, JNU से पब्लिक मैनेजमेंट

संबित मिश्रा ने IIT कानपुर से बायोलॉजिकल और बायो इंजीनियरिंग में बी.टेक किया है। इसके बाद उन्होंने JNU से पब्लिक मैनेजमेंट में एमए की डिग्री ली। तकनीकी समझ और प्रशासनिक सोच का यह मेल उनके कामकाज में साफ दिखाई देता है।

पहले भी निभा चुके हैं अहम जिम्मेदारियां

बीजापुर कलेक्टर बनने से पहले संबित मिश्रा रायगढ़ में सहायक कलेक्टर और धरमजयगढ़ में डिप्टी कलेक्टर रहे। इसके अलावा जशपुर और कोरबा जिलों में जिला पंचायत सीईओ के तौर पर उन्होंने ग्रामीण विकास, पंचायत सशक्तिकरण और जनकल्याण योजनाओं को मजबूती से जमीन पर उतारा।

अबूझमाड़ तक पहुंचने वाला यह ऐतिहासिक दौरा न सिर्फ प्रशासन की पकड़ को मजबूत करता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि सरकार अब उन इलाकों तक भी पहुंच रही है, जो कभी नक्शे में भी दूर माने जाते थे।

 

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