CG EOW INVESTIGATION | 10 करोड़ निकले, पर नाम गायब! बरमकेला बैंक घोटाले में नया ट्विस्ट

रायपुर। रायगढ़ के बरमकेला अपेक्स बैंक से जुड़े 10 करोड़ रुपए के गबन मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस बड़े घोटाले की जांच अब EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) को सौंप दी गई है।
घोटाले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिन 6 सहकारी समितियों के खातों से करोड़ों रुपए निकाले गए, उनके समिति प्रबंधकों के नाम एफआईआर से अब तक बाहर क्यों हैं?
बैंकिंग नियम साफ कहते हैं कि समिति खातों से बड़ी रकम के लेन-देन में समिति प्रबंधक की जानकारी और दस्तावेज जरूरी होते हैं, फिर भी अब तक दर्ज एफआईआर में सिर्फ बैंक के अधिकारी-कर्मचारियों को ही आरोपी बनाया गया है।
मौजूदा शाखा प्रबंधक की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में तत्कालीन डीआर वाघमारे, लेखाधिकारी मीनाक्षी मांझी और लिपिक आशीष पटेल पर आरोप है कि उन्होंने निजी बैंक आईडी-पासवर्ड का इस्तेमाल कर संदिग्ध ट्रांजेक्शन किए। इनके साथ बैंक के अन्य पांच कर्मचारी भी आरोपी बनाए गए हैं।
कलेक्टर संजय कन्नौजे ने बताया कि मामले की जांच के लिए पहले ही विशेष टीम बनाई गई थी। अब EOW जांच करेगी, लेकिन समिति प्रबंधकों की भूमिका को लेकर स्थिति अब भी साफ नहीं है।



