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CHHATTISGARH | 24 घंटे में शिक्षा विभाग का बड़ा यू-टर्न

 

रायपुर, 6 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ में परीक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक यू-टर्न देखने को मिला है। स्कूल शिक्षा विभाग ने पहली से 11वीं तक की स्थानीय परीक्षाएं जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के माध्यम से कराने संबंधी आदेश को आंशिक रूप से वापस ले लिया है। अब निजी स्कूल पहले की तरह अपनी वार्षिक परीक्षाएं खुद आयोजित कर सकेंगे।

दरअसल, 3 फरवरी को लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने आदेश जारी कर बोर्ड कक्षाओं (5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं) को छोड़कर बाकी सभी कक्षाओं की परीक्षाएं विभागीय स्तर पर कराने का निर्देश दिया था। 25 मार्च से 10 अप्रैल 2026 के बीच डीईओ के माध्यम से परीक्षा और 30 अप्रैल तक रिजल्ट जारी करने की समयसीमा तय की गई थी। जिला स्तर पर संचालन समिति और प्रश्नपत्र निर्माण समिति बनाने की भी बात कही गई थी।

आदेश आते ही निजी स्कूल संचालकों में नाराजगी फैल गई। उनका कहना था कि सत्र खत्म होने के ठीक पहले परीक्षा प्रणाली बदलना छात्रों पर अतिरिक्त दबाव डालने जैसा है। कई संगठनों ने इसे स्कूलों की स्वायत्तता में हस्तक्षेप बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी थी।

सिलेबस और मूल्यांकन को लेकर भी सवाल उठे। निजी स्कूलों का तर्क था कि वे अतिरिक्त विषय और अलग किताबों से पढ़ाई कराते हैं, ऐसे में बिना स्पष्ट दिशा-निर्देश के परीक्षा कराना अव्यावहारिक होगा।

विरोध बढ़ने के बाद 4 फरवरी को संशोधित आदेश जारी किया गया। अब अनुदान प्राप्त और अशासकीय स्कूल इस व्यवस्था से बाहर रहेंगे। केवल स्वामी आत्मानंद स्कूलों में डीईओ के माध्यम से परीक्षा होगी।

निजी स्कूल संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि इससे छात्रों और स्कूलों को अनावश्यक तनाव से राहत मिली है।

 

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