DAC APPROVAL | 114 राफेल को मंजूरी

नई दिल्ली, 12 फरवरी। भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने 114 अतिरिक्त राफेल लड़ाकू विमान खरीदने को मंजूरी दे दी है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। अब प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति के लिए कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) के पास भेजा जाएगा, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
करीब 3 लाख 25 हजार करोड़ रुपये की लागत वाले इस सौदे के तहत 18 राफेल जेट्स रेडी-टू-फ्लाई स्थिति में आएंगे, जबकि शेष विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा। इनके उत्पादन और डिलीवरी में लगभग 5 से 7 वर्ष का समय लग सकता है।
वर्तमान में भारतीय वायुसेना के पास 36 राफेल जेट हैं, जिन्हें वर्ष 2016 में स्वीकृति मिलने के बाद 2022 तक डिलीवर किया गया था। ये विमान अंबाला और हाशिमारा एयरबेस पर तैनात हैं।
P-8I विमान की भी खरीद
राफेल के साथ ही 6 P-8I समुद्री निगरानी विमान खरीदने का भी निर्णय लिया गया है। ये विमान नौसेना के लिए समुद्री सुरक्षा, पनडुब्बी रोधी युद्ध और रणनीतिक निगरानी में अहम भूमिका निभाएंगे।
कितना ताकतवर है राफेल?
राफेल एक मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जो हवा से हवा, हवा से जमीन हमले, टोही मिशन और परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। इसकी उन्नत रडार प्रणाली, लंबी मारक क्षमता वाली मिसाइलें और अत्याधुनिक एवियोनिक्स इसे बेहद घातक बनाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि 114 नए राफेल शामिल होने के बाद भारतीय वायुसेना को चीन और पाकिस्तान के मोर्चे पर रणनीतिक बढ़त मिलेगी। साथ ही, ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत देश में निर्माण से रक्षा उत्पादन और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
फ्रांस के साथ यह रक्षा सौदा दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करेगा, खासकर ऐसे समय में जब फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे की संभावना है।
यह निर्णय भारतीय सेना की ताकत को नई ऊंचाई देने वाला माना जा रहा है।



