CHHATTISGARH | 10 पदाधिकारियों का इस्तीफा, गुटबाजी के आरोपों से घमासान

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में कांग्रेस संगठन के भीतर बड़ा सियासी घमासान खुलकर सामने आ गया है। नई जिला कार्यकारिणी के विस्तार के महज 3-4 दिन बाद करीब 10 पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। इनमें पूर्व सांसद की बहू का नाम भी शामिल बताया जा रहा है। एक साथ हुए इन इस्तीफों से जिला कांग्रेस कमेटी में हलचल मच गई है।
‘गुटबाजी’ के आरोप
इस्तीफा देने वाले नेताओं का आरोप है कि संगठन में एक खास गुट को तवज्जो दी जा रही है और बाकी नेताओं की अनदेखी हो रही है। अंदरखाने चल रही नाराजगी अब सार्वजनिक हो गई है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या सूरजपुर में कांग्रेस दो धड़ों में बंट चुकी है?
बीजेपी का हमला
इस्तीफों के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। नवीन मार्कण्डेय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी गर्त की ओर जा रही है और वहां एक-दूसरे को नीचे दिखाने की राजनीति चल रही है। वहीं संतोष पांडेय ने कांग्रेस को बिना विचारधारा वाली पार्टी तक बता दिया।
कांग्रेस की सफाई
पूरे मामले पर कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने कहा, “हमारी पार्टी में प्रजातंत्र जीवित है। गुटबाजी अगर कहीं है तो बीजेपी में है। हम बातचीत से मसले सुलझाते हैं और इस मामले में भी प्रभारी से चर्चा की जाएगी।”
सूरजपुर में कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। एक तरफ बीजेपी हमलावर है, दूसरी तरफ कांग्रेस इसे आंतरिक लोकतंत्र बता रही है। अब नजर इस बात पर है कि क्या बातचीत से मामला सुलझेगा या इस्तीफों का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।



