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ASSAM PROJECT APPROVED | भारत में पहली बार नदी के नीचे बनेगी रेल-रोड टनल

 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में असम के लिए ऐतिहासिक प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे देश की पहली अंडरवॉटर रेल और रोड टनल बनाई जाएगी। यह भारत की पहली और दुनिया की दूसरी ऐसी सुरंग होगी, जहां सड़क और रेल मार्ग एक साथ पानी के नीचे से गुजरेंगे।

कहां और कितनी बड़ी होगी टनल?

यह 15.8 किलोमीटर लंबी चार लेन की सुरंग असम के गोहपुर और नुमालीगढ़ के बीच बनाई जाएगी। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 18,662 करोड़ रुपये है और इसे करीब 5 साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

6 घंटे का सफर मिनटों में

फिलहाल नेशनल हाईवे-715 पर स्थित नुमालीगढ़ से एनएच-15 पर गोहपुर की दूरी लगभग 240 किलोमीटर है, जिसे तय करने में करीब 6 घंटे लगते हैं। वाहनों को सिलीघाट के पास कालियाभोमरा पुल के रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है और इस दौरान काजीरंगा नेशनल पार्क क्षेत्र भी पड़ता है। नई सुरंग बनने के बाद दूरी और समय दोनों में बड़ी कमी आएगी।

पूर्वोत्तर को बड़ा फायदा

इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) मॉडल पर बनने वाली यह टनल असम के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड जैसे पूर्वोत्तर राज्यों को सीधा लाभ पहुंचाएगी। इससे माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी, परिवहन लागत घटेगी और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।

आर्थिक और पर्यटन कनेक्टिविटी

इस प्रोजेक्ट के जरिए 11 आर्थिक केंद्र, 3 सामाजिक केंद्र, 2 पर्यटन स्थल और 8 लॉजिस्टिक नोड्स आपस में जुड़ेंगे। साथ ही 4 प्रमुख रेलवे स्टेशन, 2 हवाई अड्डे और 2 अंतर्देशीय जलमार्गों के साथ बेहतर मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।

सामरिक और रोजगार के लिहाज से अहम

सरकार के मुताबिक निर्माण के दौरान करीब 80 लाख रोजगार दिवस सृजित होंगे। यह सुरंग न सिर्फ व्यापार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी उत्तर-पूर्व भारत की सुरक्षा और पहुंच को मजबूत करेगी।

 

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