RAJYA SABHA ELECTION | छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की 2 सीटें, दिल्ली में फाइनल होगा नाम

रायपुर। छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी चरम पर है। 26 फरवरी को अधिसूचना जारी होते ही नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और 5 मार्च अंतिम तारीख रहेगी। मौजूदा विधानसभा समीकरण के मुताबिक एक सीट भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाना लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन उम्मीदवारों के नाम को लेकर दोनों दलों में मंथन जारी है।
विधानसभा का गणित
प्रदेश में कुल 90 विधायक हैं। भाजपा के 54, कांग्रेस के 35 और Gondwana Ganatantra Party का 1 विधायक है।
जीत का फॉर्मूला :
90 ÷ (2+1) + 1 = 31
यानी किसी भी उम्मीदवार को जीत के लिए कम से कम 31 प्रथम वरीयता मत चाहिए। ऐसे में संख्या बल के आधार पर दोनों प्रमुख दलों की एक-एक सीट लगभग पक्की मानी जा रही है।
कांग्रेस में बड़े नामों की चर्चा
कांग्रेस खेमे में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व अध्यक्ष मोहन मरकाम, पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel और पूर्व उपमुख्यमंत्री T. S. Singh Deo के नाम चर्चा में हैं।
पार्टी आदिवासी चेहरा, क्षेत्रीय संतुलन और संगठनात्मक अनुभव को ध्यान में रखकर फैसला ले सकती है। सियासी गलियारों में यह भी चर्चा है कि इस बार प्रदेश नेतृत्व को प्राथमिकता मिल सकती है।
भाजपा में सरप्राइज की संभावना
भाजपा की रणनीति अक्सर चौंकाने वाली रही है। सूत्रों के मुताबिक इस बार ऐसा चेहरा आगे आ सकता है जिसकी पहचान जमीनी और किसान मुद्दों से जुड़ी हो। सरगुजा और बस्तर संभाग को साधने की कोशिश भी हो सकती है ताकि सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाया जा सके।
किनका खत्म हो रहा कार्यकाल?
9 अप्रैल 2026 को Phulo Devi Netam और K. T. S. Tulsi का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। वहीं Rajeev Shukla और Ranjeet Ranjan 2028 तक सदस्य हैं। भाजपा से Devendra Pratap Singh का कार्यकाल 2030 तक जारी है।
कैसे होता है चुनाव?
राज्यसभा चुनाव अप्रत्यक्ष होते हैं। विधायक वोट डालते हैं और जीत का कोटा तय फॉर्मूले से निकलता है। जो उम्मीदवार 31 का आंकड़ा पार कर लेता है, उसकी जीत तय हो जाती है।
फिलहाल सियासी पारा चढ़ा हुआ है। गणित भले साफ दिख रहा हो, लेकिन असली खेल नामों के ऐलान के बाद ही शुरू होगा।



