SECL RARE EARTH ELEMENTS | रेयर खनिज खोज, CG और MP पर फोकस

नई दिल्ली, 25 फरवरी। South Eastern Coalfields Limited (एसईसीएल) ने दुर्लभ खनिजों के संभावित निष्कर्षण के लिए खनन अवशेषों के सात ‘डंप’ चिन्हित किए हैं। यह जानकारी कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने दी।
एसईसीएल, Coal India Limited की अनुषंगी कंपनी है। यह पहल कोयला खदान अपशिष्ट से मूल्य सृजन और आयात निर्भरता घटाने की सरकारी रणनीति के अनुरूप मानी जा रही है।
क्या है योजना?
कंपनी ने ‘ओवरबर्डन डंप’ यानी खनन के दौरान हटाई गई बेकार सामग्री के ढेरों में दुर्लभ खनिज (रेयर अर्थ एलिमेंट्स) की संभावना तलाशी है। इन खनिजों का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में होता है।
हरीश दुहन ने बताया कि अन्वेषण के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अगले एक वर्ष में वैज्ञानिक आकलन कर व्यवहार्य स्थलों की पहचान की जाएगी। इसके लिए उन्नत भू-भौतिकीय और भू-रासायनिक तकनीकों का उपयोग होगा।
छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश पर फोकस
पहचाने गए डंप मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में एसईसीएल के परिचालन क्षेत्रों में स्थित हैं। विस्तृत अध्ययन के बाद संभावित स्थलों को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिससे प्रारंभिक निष्कर्षण परियोजनाओं और वाणिज्यिक संचालन का मार्ग प्रशस्त हो सके।
चीन के प्रभुत्व वाली वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के जोखिमों के बीच भारत दुर्लभ खनिजों में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।



