CHHATTISGARH | टॉयलेट पर हाईकोर्ट सख्त

बिलासपुर 27 फरवरी 2026। Chhattisgarh High Court ने छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में लड़कियों के शौचालयों की खराब हालत पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि पहले दिए गए निर्देशों के बावजूद “कोई संतोषजनक सुधार नहीं हुआ है।”
चीफ जस्टिस Ramesh Sinha और जस्टिस Ravindra Kumar Agrawal की डिवीजन बेंच ने जनवरी 2025 की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान एक ताजा रिपोर्ट का संज्ञान लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के 5,000 से अधिक स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग शौचालय ही नहीं हैं, जबकि 8,000 से ज्यादा स्कूलों में टॉयलेट जर्जर हालत में हैं।
कोर्ट ने टिप्पणी की कि ऐसी स्थिति छात्राओं के स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों पर असर डाल रही है। मूत्र संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं और इससे अनुपस्थिति व स्कूल छोड़ने की दर बढ़ सकती है। अकेले बिलासपुर जिले में 160 से ज्यादा स्कूलों में गंभीर समस्या और 200 से अधिक स्कूलों में शौचालय अनुपयोगी पाए गए हैं।
यू-डीआईएसई 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के हजारों स्कूलों में टॉयलेट दर्ज तो हैं, लेकिन बड़ी संख्या में वे चालू हालत में नहीं हैं। सरकारी स्कूलों में करीब 19.54 लाख छात्राएं नामांकित हैं, जिन पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को व्यक्तिगत शपथपत्र के साथ विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 23 मार्च 2026 को होगी।



