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PAKISTAN AFGHANISTAN WAR | पाक–अफगान जंग तेज

 

नई दिल्ली। भारत के पड़ोस में हालात तेजी से बिगड़ गए हैं। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा विवाद अब खुले सैन्य संघर्ष में बदल गया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री Khawaja Asif ने अफगानिस्तान के खिलाफ खुली जंग का ऐलान किया, जिसके बाद तालिबान ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी। दोनों देशों के बीच डूरंड लाइन पर भारी गोलीबारी, हवाई हमले और सैन्य दावे जारी हैं।

कैसे भड़की लड़ाई?

तनाव तब बढ़ा जब अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के हालिया हवाई हमलों के जवाब में गुरुवार देर रात पलटवार किया। काबुल का दावा है कि डूरंड लाइन पर 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 15 से अधिक चौकियों पर कब्जा किया गया।

इसके बाद पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ शुरू कर काबुल, कंधार और पक्तिया में भीषण हवाई हमले किए। पाकिस्तान का दावा है कि 133 तालिबानी लड़ाके मारे गए और कई सैन्य ठिकाने तबाह हुए। अफगानिस्तान ने पलटवार में एक पाकिस्तानी F-16 गिराने का भी दावा किया है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

बॉर्डर बंद, नागरिक प्रभावित

तोरखम और चमन बॉर्डर क्रॉसिंग अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी गई हैं। सैकड़ों ट्रक सीमा पर फंसे हैं। नंगरहार प्रांत में एक मोर्टार हमले में सात शरणार्थी घायल होने की खबर है। ऊंचे इलाकों में हवाई पेट्रोलिंग और तोपों की आवाजें सुनी जा रही हैं।

‘सुसाइड स्क्वॉड’ की तैयारी का दावा

अफगान सरकारी मीडिया के हवाले से दावा किया गया है कि तालिबान ने आत्मघाती हमलावरों की एक विशेष बटालियन तैयार की है। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक ये हमलावर विस्फोटक जैकेट और कार बम से लैस हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।

अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ी

संयुक्त राष्ट्र ने तुरंत शांति की अपील की है। चीन, रूस और ईरान ने मध्यस्थता की पेशकश की है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि उनका देश बातचीत में मदद को तैयार है। चीन ने भी तनाव कम कराने में भूमिका निभाने की बात कही है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने कहा कि उनकी सेना किसी भी हमलावर इरादे को कुचलने में सक्षम है। उधर तालिबान प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि “दुश्मन को जवाब दिया जाएगा।”

जड़ में क्या है विवाद?

2,611 किलोमीटर लंबी डूरंड लाइन को लेकर दोनों देशों के बीच दशकों पुराना विवाद है। पाकिस्तान तहरीक-ए-तालिबान (TTP) को लेकर अफगानिस्तान पर आरोप लगाता रहा है, जबकि काबुल इन आरोपों से इनकार करता है। पिछले महीनों में कई दौर की शांति वार्ताएं बेनतीजा रही थीं।

फिलहाल दोनों पक्ष बड़े दावे कर रहे हैं और जमीनी स्थिति तेजी से बदल रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर है कि क्या मध्यस्थता से हालात काबू में आएंगे या यह संघर्ष व्यापक युद्ध का रूप लेगा।

 

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