MINI SHUKLA SUCCESS STORY | पत्रकारिता छोड़ IPS बन गई मिनी शुक्ला

रायपुर डेस्क। आईएएस-आईपीएस बनने का सपना लाखों युवा देखते हैं, लेकिन मंजिल तक वही पहुंचते हैं जो हार मानना नहीं जानते। मध्य प्रदेश के भिंड की मिनी शुक्ला ऐसी ही कहानी हैं।
इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार में पत्रकारिता शुरू की। समाज की समस्याओं को करीब से देखा तो तय कर लिया कि अब प्रशासनिक सेवा में जाकर बदलाव लाना है। नौकरी छोड़ी और यूपीएससी की तैयारी में जुट गईं।
पर सफर आसान नहीं था। पहले प्रयास में प्रीलिम्स निकाला, लेकिन मेंस में चूक गईं। दूसरे प्रयास में प्रीलिम्स ही नहीं निकल पाया। यही वह वक्त था जब सपना टूटता सा लगा। लेकिन मिनी ने खुद को संभाला, गलतियों को समझा और तीसरे प्रयास में पूरी ताकत झोंक दी।
नतीजा-UPSC 2021 में 96वीं रैंक और IPS में चयन
मिनी की प्रेरणा उनके परिवार से भी जुड़ी है। उनके दादा एसएस शुक्ला मध्य प्रदेश पुलिस में एडीजी रहे। बड़ी बहन प्रियंका शुक्ला को वर्दी में देखकर उनके भीतर भी देश सेवा का जुनून जगा।
तैयारी के दौरान उन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया के रेसिडेंशियल कोचिंग प्रोग्राम से मार्गदर्शन लिया। रोज 6-7 घंटे पढ़ाई, नियमित रिवीजन, कम किताबें और ज्यादा कॉन्सेप्ट क्लियर यही उनकी रणनीति रही। आंसर राइटिंग पर खास फोकस और एग्जाम के दिन स्ट्रेस-फ्री रहना, उनकी सफलता की कुंजी बना।
आज मिनी शुक्ला मध्य प्रदेश कैडर में एसडीओपी उज्जैन के पद पर कार्यरत हैं। उनके पति सुमित कुमार पांडे भी आईएएस अधिकारी हैं।
मिनी की कहानी बताती है कि असफलता सिर्फ एक स्टेप है, आखिरी मंजिल नहीं। अगर हौसला कायम रहे, तो वर्दी दूर नहीं।



