CHHATTISGARH | 15 दिनों में 15 उद्योगों पर ताला

रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। Chhattisgarh Environment Conservation Board ने 10 से 25 फरवरी 2026 के बीच निरीक्षण में गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर 15 उद्योगों का उत्पादन बंद करा दिया और बिजली काट दी।
मंडल ने साफ कहा है कि पर्यावरणीय मानकों से समझौता नहीं होगा।
स्पंज आयरन उद्योग पर कार्रवाई
ग्राम चरौदा, रायपुर स्थित मे० पुष्प स्टील्स एंड माइनिंग प्रा. लिमिटेड (पूर्व नाम-इंडियन स्टील एंड पॉवर प्रा. लिमिटेड) में वायु प्रदूषण पाए जाने पर वायु अधिनियम 1981 की धारा 31(क) के तहत उत्पादन बंद और विद्युत विच्छेदन किया गया।
मेटल पार्क रावांभाठा में 11 इकाइयां बंद
मेटल पार्क, रावांभाठा क्षेत्र में 9 स्लैग क्रशर, 1 बाइंडिंग वायर इकाई और 1 स्टील फर्नीचर इकाई बिना वैध अनुमति और प्रदूषण की स्थिति में संचालित पाई गईं। कुल 11 इकाइयों पर वायु अधिनियम 1981 और जल अधिनियम 1974 की धारा 33(क) के तहत कार्रवाई की गई।
सिलतरा और उरला में भी सख्ती
सिलतरा स्थित एसकेए इस्पात प्रा. लिमिटेड और उरला-गोंदवारा स्थित छत्तीसगढ़ फेरो ट्रेडर्स प्रा. लिमिटेड में वायु प्रदूषण पाए जाने पर उत्पादन बंद और बिजली काटने के आदेश जारी किए गए।
9.22 लाख की क्षतिपूर्ति
तीन उद्योगों पर कुल 9.22 लाख रुपए की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति भी अधिरोपित की गई है। मंडल ने स्पष्ट किया है कि जब तक उद्योग पूर्ण रूप से पर्यावरणीय मानकों का पालन नहीं करेंगे, तब तक संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।



