hindi newsनेशनल

COAL BLOCK CASE | कोल ब्लॉक आवंटन मामले में ED की कार्रवाई पर सवाल

 

रायपुर। कोल ब्लॉक आवंटन से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों पर ED की शिकायत पर संज्ञान लेने से ही इनकार कर दिया।

स्पेशल जज धीरज मोर ने साफ कहा कि ED ऐसा क्षेत्राधिकार नहीं ले सकती, जो कानून ने उसे दिया ही नहीं है। अदालत ने कहा कि इस मामले में ‘क्राइम से प्राप्त संपत्ति’ का कोई ठोस आधार ही साबित नहीं हुआ।

यह मामला 2008 में छत्तीसगढ़ के केसला नॉर्थ कोल ब्लॉक के आवंटन से जुड़ा है। ED ने राठी स्टील एंड पावर लिमिटेड और उसके तीन अधिकारियों उदित राठी, प्रदीप राठी और एक पूर्व मैनेजर पर आरोप लगाया था कि उन्होंने गलत जानकारी देकर कोल ब्लॉक हासिल किया।

ED का दावा था कि कंपनी ने इस आवंटन के आधार पर शेयर कैपिटल बढ़ाकर करीब 3.08 करोड़ रुपये का फायदा उठाया। लेकिन अदालत ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि कोल ब्लॉक का आवंटन पत्र सिर्फ एक शुरुआती प्रक्रिया है, इससे कंपनी को तत्काल कोई अधिकार या आर्थिक लाभ नहीं मिलता।

अदालत ने ED की जांच को “बेबुनियाद धारणाओं और अनुमानों” पर आधारित बताया और एजेंसी द्वारा अटैच की गई करीब 30 लाख रुपये की संपत्तियों को भी डी-अटैच करने का आदेश दे दिया।

दरअसल यह मामला CBI की उस जांच से जुड़ा है, जिसमें 2016 में आरोपियों को दोषी ठहराया गया था। ED ने उसी आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था, लेकिन अदालत ने अब इस पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button