CHHATTISGARH | राजीव गांधी शिक्षा मिशन घोटाले में चालान पेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ में राजीव गांधी शिक्षा मिशन के तहत कंप्यूटर उपकरणों की खरीदी में हुए करोड़ों के घोटाले में बड़ी कार्रवाई हुई है। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो और एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW/ACB) रायपुर ने इस मामले में विशेष न्यायालय में चालान पेश कर दिया है।
जांच में सामने आया कि 2010-11 और 2011-12 के दौरान स्कूलों को कंप्यूटर मॉनिटर सप्लाई करने के नाम पर बड़ा खेल किया गया। उस समय राज्य के 18 जिलों की शासकीय उच्च प्राथमिक शालाओं के लिए एलएफडी/टीएफटी मॉनिटर खरीदे जाने थे।
जांच के मुताबिक मिनी इंफोटेक के संचालक आलोक कुशवाहा ने 2010-11 में 246 मॉनिटर और ग्लोबल नेटवर्क सॉल्यूशन ने 2011-12 में 392 मॉनिटर सप्लाई किए। आरोप है कि एचपी और एग्माटेल कंपनियों के फर्जी ऑथराइजेशन लेटर बनाकर शासन को गुमराह किया गया।
सबसे बड़ा खेल कीमतों में हुआ। जिन मॉनिटरों की बाजार कीमत करीब 57,950 रुपये थी, उन्हें सरकार को 1,26,500 रुपये प्रति नग के हिसाब से सप्लाई किया गया। इस गड़बड़ी से शासन को करीब 4 करोड़ 72 लाख 88 हजार रुपये का नुकसान हुआ।
मामले में EOW/ACB ने आलोक कुशवाहा, अंजू कुशवाहा और संजीत साहा के खिलाफ विशेष न्यायालय में चालान पेश किया है। साथ ही इस घोटाले से जुड़े शासकीय अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की भी अनुशंसा की गई है।



