CHHATTISGARH | प्रमोशन पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला!

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन को लेकर चल रहा बड़ा विवाद अब लगभग खत्म हो गया है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने साफ कह दिया है कि प्रमोशन कोई मौलिक अधिकार नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह सरकार की नीति पर निर्भर करता है।
मामला 2017 के भर्ती नियमों से जुड़ा था, जिसमें राजस्व निरीक्षकों को CMO (क्लास-बी) के प्रमोशन के लिए पात्र माना गया था। कुछ अधिकारियों ने इसे कोर्ट में चुनौती दी थी और कहा था कि यह उनके अधिकारों का उल्लंघन है।
लेकिन हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने इन दलीलों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सरकार को यह अधिकार है कि वह प्रमोशन के नियम तय करे और इसमें बदलाव भी कर सकती है।
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि राजस्व निरीक्षक और अन्य अधिकारी अलग कैटेगरी के हैं, इसलिए बराबरी देना गलत है। लेकिन कोर्ट ने साफ कहा कि यह फैसला संविधान के खिलाफ नहीं है।
साथ ही सरकार द्वारा दिए गए अनुभव में छूट को भी कोर्ट ने सही ठहराया और इसे जनहित में लिया गया फैसला बताया।
इस फैसले के बाद राज्य सरकार को बड़ी राहत मिली है और लंबे समय से चल रहा विवाद अब शांत होता दिख रहा है।


