CHHATTISGARH | हाईवे पर सुरक्षा सुधार, 200 करोड़ के काम मंजूर

रायपुर, 18 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों पर हादसों को रोकने और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए एनएचएआई ने बड़े स्तर पर काम शुरू कर दिया है। दुर्घटना संभावित ब्लैक-स्पॉट्स को दुरुस्त किया जा चुका है, वहीं अंडर-पास और सर्विस रोड निर्माण के लिए 200 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाएं प्रक्रिया में हैं।
एनएचएआई ने सड़क सुरक्षा के तहत कई राष्ट्रीय राजमार्ग खंडों पर रंबल स्ट्रिप्स, क्रैश बैरियर, सोलर ब्लिंकर, हाई मास्ट लाइट और मानक साइन बोर्ड लगाए हैं। ये सुधार खास तौर पर उन इलाकों में किए गए हैं, जहां बार-बार दुर्घटनाएं हो रही थीं।
स्थानीय लोगों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने और हाईवे पर ट्रैफिक फ्लो बेहतर करने के लिए अंडर-पास और सर्विस रोड निर्माण पर भी फोकस किया गया है। एनएच-53 के दुर्ग से महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा तक सुंदरा, पेंड्री, चिचोला, महाराजपुर और सोमनी गांवों में करीब 90 करोड़ रुपये की लागत से अंडर-पास और सर्विस रोड के लिए टेंडर जारी किए गए हैं।
इसके अलावा रसमड़ा में लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से अंडर-पास निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। एनएच-30 के रायपुर-सिमगा खंड पर सांकरा और सिलतरा में 80 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से अंडर-पास निर्माण, जबकि चरोदा में करीब साढ़े छह करोड़ रुपये से बायपास क्रॉसिंग के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
इस तरह छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों पर कुल लगभग 206 करोड़ 85 लाख रुपये की परियोजनाएं अलग-अलग चरणों में हैं। एनएचएआई का कहना है कि इन कार्यों के पूरा होने से सड़क हादसों में कमी आएगी और यात्रियों को सुरक्षित व सुगम आवागमन मिलेगा।



