PM MODI MALAYSIA VISIT | मलेशिया में मोदी का बड़ा दांव, ASEAN, UPI और आतंक पर सख्त स्टैंड

नई दिल्ली। मलेशिया दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कूटनीति, व्यापार और सुरक्षा तीनों मोर्चों पर बड़ा संदेश दिया। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहीम के साथ अहम बैठक के बाद पीएम मोदी ने साफ किया कि भारत के लिए आसियान देशों की केंद्रीय भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र को दुनिया का “उभरता विकास इंजन” बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए भारत पूरी ताकत से खड़ा है।
आतंकवाद पर सख्त रुख
बैठक के दौरान सुरक्षा मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने दो टूक कहा आतंकवाद पर कोई दोहरा मापदंड नहीं और कोई समझौता नहीं। दोनों देशों ने खुफिया जानकारी साझा करने और समुद्री सुरक्षा मजबूत करने पर सहमति जताई। इसे आतंकवाद को संरक्षण देने वाले देशों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है।
टेक्नोलॉजी और व्यापार में नई उड़ान
इस दौरे का सबसे बड़ा फोकस भविष्य की तकनीक पर रहा। भारत और मलेशिया ने एआई, डिजिटल टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया।
आसियान-भारत व्यापार समझौते (AITIGA) की समीक्षा जल्द पूरी करने पर सहमति बनी।
मलेशिया में यूपीआई सिस्टम शुरू करने की दिशा में काम होगा, जिससे लेनदेन आसान होगा।
भारतीय पर्यटकों के लिए मुफ्त ई-वीजा और कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा समझौते पर भी सहमति बनी।
30 लाख भारतीय बने रिश्तों की ताकत
पीएम मोदी ने मलेशिया में रह रहे करीब 30 लाख भारतीय मूल के लोगों को दोनों देशों के बीच “जीवंत पुल” बताया। तमिल भाषा और सिनेमा का जिक्र करते हुए उन्होंने सांस्कृतिक रिश्तों को और मजबूत करने पर जोर दिया। दोनों देशों के बीच ऑडियो-विजुअल समझौता भी हुआ है।
मलेशिया में खुलेगा नया वाणिज्य दूतावास
रिश्तों को और मजबूती देने के लिए भारत मलेशिया में नया वाणिज्य दूतावास खोलेगा। अगस्त 2024 में दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिया था और यह दौरा उसी दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
अब नजर अमल पर
अब सबकी नजर इस बात पर है कि व्यापार समझौते की समीक्षा कब तक पूरी होती है, यूपीआई कब तक जमीनी स्तर पर लागू होता है और समुद्री सुरक्षा को लेकर संयुक्त अभ्यास कब शुरू होते हैं।



