DEFAMATION CASE | भूपेश बघेल समेत तीन कांग्रेस नेताओं पर 500 करोड़ की मानहानि का मुकदमा

नई दिल्ली/गुवाहाटी, 11 फरवरी। असम की सियासत में बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कांग्रेस नेताओं जितेंद्र सिंह और गौरव गोगोई के खिलाफ 500 करोड़ रुपये का सिविल और क्रिमिनल मानहानि केस दायर किया है। मामला प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए ‘12,000 बीघा जमीन’ के आरोपों से जुड़ा है।
सीएम सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि उनके खिलाफ जानबूझकर झूठे और दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाए गए, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 9 फरवरी 2026 से कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उनके मुताबिक राजनीतिक असहमति अलग बात है, लेकिन सार्वजनिक मंच से निराधार आरोप लगाना कानून के दायरे में आता है।
विवाद की शुरुआत 4 फरवरी को गुवाहाटी में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता से हुई। असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने दावा किया था कि पार्टी की आंतरिक जांच में यह सामने आया है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने राज्यभर में लगभग 12,000 बीघा जमीन पर कब्जा किया है। सरमा ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा और मानहानिकारक बताया।
इससे पहले भी सीएम सरमा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि वे राजनीतिक प्रचार या बदनाम करने की कोशिशों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने चुनौती दी थी कि अगर आरोपों में जरा भी दम है तो सबूत अदालत में पेश किए जाएं।
इसी बीच असम की राजनीति में सरमा और गौरव गोगोई के बीच टकराव और तेज हो गया है। हाल ही में मुख्यमंत्री ने गोगोई और उनकी ब्रिटिश पत्नी के पाकिस्तानी नागरिक से कथित संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए थे। हालांकि कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के पास कोई ठोस सबूत नहीं है और वे मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।
अब 500 करोड़ के मानहानि केस ने इस राजनीतिक विवाद को अदालत तक पहुंचा दिया है। आने वाले दिनों में यह मामला असम और छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।



