CG RERA ACTION | प्लॉटेड प्रोजेक्ट को हाउसिंग बताकर प्रचार, रेरा की बड़ी कार्रवाई

बिलासपुर, 20 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए बिलासपुर के बोदरी स्थित ‘फॉर्च्यून एलिमेंट्स’ परियोजना के प्रमोटर पवन अग्रवाल पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
प्राधिकरण के अनुसार, परियोजना का पंजीयन प्लॉटेड परियोजना के रूप में कराया गया था, लेकिन विभिन्न माध्यमों में इसे हाउसिंग परियोजना के रूप में प्रचारित किया जा रहा था। जांच में पाया गया कि यह प्रचार पंजीकृत विवरण के विपरीत और भ्रामक था।
क्या कहती है धारा 7?
Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 की धारा 7 के तहत यदि कोई प्रवर्तक अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करता है या परियोजना से संबंधित गलत अथवा भ्रामक जानकारी देता है, तो प्राधिकरण परियोजना के पंजीयन के विरुद्ध कार्रवाई कर सकता है। इसमें पंजीयन निरस्तीकरण सहित अन्य दंडात्मक प्रावधान शामिल हैं।
वहीं धारा 14 के अनुसार प्रवर्तक के लिए अनिवार्य है कि परियोजना का विकास और प्रचार स्वीकृत ले-आउट, योजना और पंजीयन के समय दी गई जानकारी के अनुरूप ही किया जाए। इसके विपरीत कोई भी प्रचार उल्लंघन की श्रेणी में आता है।
विधिवत पंजीयन का निर्देश
रेरा ने उल्लंघन को गंभीर मानते हुए 10 लाख रुपये का दंड अधिरोपित किया है और निर्देश दिया है कि संबंधित हाउसिंग क्षेत्र परियोजना का विधिवत पंजीयन कराया जाए।
विज्ञापनों पर सख्त निगरानी
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि प्रिंट, डिजिटल सहित सभी माध्यमों पर रियल एस्टेट परियोजनाओं के विज्ञापनों की सतत निगरानी की जा रही है। पंजीकृत विवरण के विपरीत या भ्रामक प्रचार पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रेरा ने सभी प्रवर्तकों को चेतावनी दी है कि वे केवल पंजीकृत विवरण के आधार पर ही विज्ञापन जारी करें और अधिनियम के नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें।



