LILY PADDING CAREER TREND | छत्तीसगढ़ के युवाओं का नया करियर गेम

रायपुर। छत्तीसगढ़ के युवाओं का करियर सोचने का तरीका तेजी से बदल रहा है। रायपुर, भिलाई और बिलासपुर जैसे शहरों में Gen Z अब एक ही कंपनी में सालों तक टिके रहने के बजाय ‘Lily Padding’ नाम की नई रणनीति अपना रहा है।
सीधे शब्दों में कहें तो Lily Padding का मतलब है कि युवा अपनी मौजूदा नौकरी में रहते हुए नई स्किल्स सीखते हैं और जैसे ही बेहतर सैलरी और मौका मिलता है, तुरंत दूसरी कंपनी में शिफ्ट हो जाते हैं। यह Job Hopping से थोड़ा अलग है क्योंकि इसमें बिना तैयारी के नौकरी नहीं छोड़ी जाती।
आईटी, स्टार्टअप और सर्विस सेक्टर के बढ़ते दायरे के कारण छत्तीसगढ़ में यह ट्रेंड तेजी से फैल रहा है। भिलाई के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर का कहना है कि आज का युवा कंपनी के प्रति नहीं बल्कि अपने करियर के प्रति ज्यादा फोकस्ड है।
इस ट्रेंड का फायदा भी युवाओं को मिल रहा है। कई मामलों में 20 से 40 प्रतिशत तक सैलरी हाइक देखने को मिल रहा है। साथ ही अलग-अलग कंपनियों और शहरों में काम करने से युवाओं को नया अनुभव भी मिल रहा है।
हालांकि इसके नुकसान भी कम नहीं हैं। बार-बार नौकरी बदलने से कंपनियां ऐसे उम्मीदवारों को अनस्टेबल मानने लगती हैं। इसके अलावा ग्रेच्युटी जैसे लंबे समय के फायदे भी हाथ से निकल जाते हैं, क्योंकि इसके लिए कम से कम 5 साल एक ही संस्था में काम करना जरूरी होता है।
एचआर एक्सपर्ट्स का मानना है कि बार-बार जॉब बदलने से कई युवा किसी काम की गहराई तक नहीं पहुंच पाते और सिर्फ सरफेस लेवल का अनुभव लेकर आगे बढ़ जाते हैं। वहीं मंदी या Layoff के समय भी सबसे पहले हाल ही में जॉइन करने वालों पर खतरा आता है।
एक रिसर्च के मुताबिक छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में निजी क्षेत्र में काम करने वाले करीब 65 प्रतिशत युवा अपनी पहली नौकरी 18 महीने के भीतर बदल लेते हैं। यही वजह है कि रायपुर और दुर्ग जैसे जिलों में स्किल अपग्रेड और प्रोफेशनल कोर्स करने वाले युवाओं की संख्या में लगभग 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।



