HORMUZ CRISIS MEETING | भारत सहित 35 देशों की इमरजेंसी मीटिंग

नई दिल्ली। ईरान पर हमलों के बाद हालात अब सिर्फ युद्ध तक सीमित नहीं रहे, असर सीधे दुनिया की जेब पर पड़ रहा है। सबसे बड़ा झटका तब लगा जब होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट गहराया और तेल सप्लाई पर ब्रेक लग गया।
यही वजह है कि अब 35 देशों को एक साथ बैठना पड़ रहा है। इस इमरजेंसी मीटिंग में भारत भी शामिल हो रहा है, जहां विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री वर्चुअल तरीके से हिस्सा ले रहे हैं। मकसद साफ है किसी तरह इस अहम समुद्री रास्ते को फिर से खोलना।
इस बीच सरकार ने एक और बड़ी जानकारी दी है। युद्ध वाले इलाकों में करीब 1 करोड़ भारतीय मौजूद हैं, लेकिन फिलहाल सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं। हालांकि दुखद खबर ये भी है कि इस संघर्ष में अब तक 8 भारतीयों की जान जा चुकी है और एक लापता है।
सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और दूतावासों के जरिए भारतीयों से संपर्क में है। साथ ही यह भी साफ कर दिया गया है कि होर्मुज से गुजरने वाले भारतीय जहाजों पर किसी तरह का नया शुल्क नहीं लगाया गया है।
कुल मिलाकर, ये सिर्फ युद्ध नहीं, बल्कि ग्लोबल इकोनॉमी के लिए बड़ा अलार्म बन चुका है। अब सबकी नजर इस बैठक पर है कि क्या कोई बड़ा हल निकलता है या संकट और बढ़ेगा।



