CG DHARMA BILL | धर्म कानून हाईकोर्ट में घिरा

रायपुर। छत्तीसगढ़ का नया धर्म स्वातंत्र्य कानून अब सीधे कोर्ट की कसौटी पर आ गया है। बिल पास होते ही मसीही समाज ने बिलासपुर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया है।
क्रिस्टोफर पॉल की तरफ से दायर याचिका में साफ कहा गया है कि अवैध धर्मांतरण पर आजीवन कारावास जैसी सजा पूरी तरह गलत और असंवैधानिक है। उनका तर्क है कि ये कानून संविधान के तहत मिले धर्म की आजादी के अधिकार पर सीधा हमला करता है।
इस कानून में जबरन, लालच या धोखे से धर्म बदलवाने पर 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। वहीं सामूहिक धर्मांतरण पर और भी सख्त सजा रखी गई है।
याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि कानून की भाषा इतनी अस्पष्ट है कि इसका गलत इस्तेमाल हो सकता है। लोगों को टारगेट करने और उत्पीड़न की आशंका भी जताई गई है।
दूसरी तरफ सरकार का कहना है कि यह कानून धर्मांतरण रोकने के लिए नहीं, बल्कि गलत तरीकों से होने वाले धर्म परिवर्तन पर लगाम लगाने के लिए लाया गया है।
अब इस पूरे मामले पर हाईकोर्ट क्या फैसला देता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।



