PAPER LEAK BILL | CJP की 3 मांगों में 2 पर सरकार नरम? इधर कैबिनेट में बिल मंजूर!

नई दिल्ली। पेपर लीक विवाद और छात्रों के आंदोलन के बीच शुक्रवार को केंद्र सरकार ने बड़ा डबल एक्शन लिया। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून के संशोधित बिल को मंजूरी दी गई, वहीं दूसरी तरफ CJP और सरकार के प्रतिनिधिमंडल के बीच कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में अहम बैठक हुई।
कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में CJP और सरकार के बीच करीब 50 मिनट तक बातचीत चली। बैठक के बाद CJP प्रवक्ताओं ने दावा किया कि सरकार उनकी तीन प्रमुख मांगों में से दो पर सकारात्मक नजर आई है।
CJP के मुताबिक, पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिजनों को 1 करोड़ रुपए मुआवजा देने के प्रस्ताव पर सरकार का रुख सकारात्मक रहा। इसके अलावा आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर भी सरकार ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। वहीं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर भी बातचीत हुई है।
उधर, सरकार ने पेपर लीक माफियाओं पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। कैबिनेट ने Public Examinations Act, 2024 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। प्रस्तावित कानून में पेपर लीक मामलों के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रावधान होगा।
नए प्रावधानों के तहत पेपर लीक के दोषियों को 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। फास्ट ट्रैक कोर्ट को तीन महीने के भीतर जांच और फैसला पूरा करने का अधिकार देने की भी तैयारी है।
यानी एक तरफ सरकार छात्रों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर समाधान तलाश रही है, तो दूसरी तरफ पेपर लीक के खिलाफ देश का सबसे सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि CJP की तीसरी मांग और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर सरकार क्या फैसला लेती है।



