JUDICIAL SERVICE EXAM | जज बनने का रास्ता आसान! प्रैक्टिस अब 3 नहीं, 1 साल

रायपुर। सिविल जज बनने की तैयारी कर रहे कानून स्नातकों के लिए बड़ी राहत है। सुप्रीम कोर्ट ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की सीधी भर्ती के लिए जरूरी कानूनी प्रैक्टिस की अवधि 3 साल से घटाकर 1 साल कर दी है।
21 अगस्त को 2:1 के बहुमत से दिए फैसले के बाद अब एक साल की सक्रिय वकालत का अनुभव रखने वाले अभ्यर्थी न्यायिक सेवा परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।
हालांकि चयन के बाद सीधे जज की नियुक्ति नहीं होगी। चयनित उम्मीदवारों को पहले एक साल न्यायिक अकादमी में ट्रेनिंग और उसके बाद एक साल की लॉ क्लर्कशिप करनी होगी। इसमें 6 महीने जिला एवं सत्र न्यायाधीश और 6 महीने हाईकोर्ट के जज के साथ काम करना होगा।
प्रदर्शन संतोषजनक रहने के बाद ही नियमित न्यायिक अधिकारी के रूप में नियुक्ति और पूर्ण सेवा लाभ मिलेंगे। 1 अप्रैल 2027 से एक साल की वास्तविक कानूनी प्रैक्टिस का प्रमाण देना अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था पांच साल तक लागू रहेगी, जिसके बाद इसकी समीक्षा की जाएगी।



